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ईरान में घुसेगी America की Special Forces? Trump का सबसे बड़ा और खतरनाक प्लान सामने आया
Bloomberg की रिपोर्ट में खुलासा — 9 महीनों से UN निरीक्षकों को नहीं पता ईरान के Enriched Uranium की असली लोकेशन, अब Direct Action की तैयारी
Washington। America के राष्ट्रपति Donald Trump एक ऐसे सैन्य अभियान पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं जो पूरी दुनिया को हिलाकर रख सकता है। Bloomberg की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, Trump प्रशासन Iran की धरती पर Special Forces उतारकर वहाँ के Enriched Uranium को सीधे जब्त करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। यह जानकारी तीन राजनयिक अधिकारियों के हवाले से सामने आई है।
यह कदम इसलिए और भी चौंकाने वाला है क्योंकि अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह ऑपरेशन America की अपनी Special Forces करेंगी या Israel की — या फिर यह होगा भी या नहीं।
9 महीने से गायब है यूरेनियम की खबर
असल चिंता यहीं से शुरू होती है। पिछले करीब 9 महीनों से United Nations के परमाणु निरीक्षक Iran के Highly Enriched Uranium की लोकेशन की पुष्टि नहीं कर पाए हैं। मतलब साफ है — दुनिया को नहीं पता कि यह खतरनाक परमाणु सामग्री अभी कहाँ है।
IAEA (International Atomic Energy Agency) के निरीक्षकों की Iran के परमाणु ठिकानों तक पहुँच पिछले साल से लगातार बाधित है। इसी वजह से America और उसके सहयोगी देशों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।
February 28 से शुरू हुए थे हमले
रिपोर्ट के मुताबिक, America और Israel के संयुक्त हवाई हमले February 28 को शुरू हुए थे और यह सिलसिला 12 दिनों तक चला। इन हमलों का एक प्रमुख उद्देश्य यह था कि Iran की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह खत्म किया जाए।
लेकिन विडंबना यह है कि इन्हीं हमलों की वजह से Iran के परमाणु ठिकानों की स्थिति इतनी जटिल हो गई है कि अब वहाँ के Uranium को Track करना बेहद मुश्किल हो गया है। हमलों के बाद Iran ने अपने परमाणु भंडार को किसी सुरक्षित और गुप्त स्थान पर स्थानांतरित किया हो सकता है — यही आशंका Washington में सबसे ज़्यादा परेशान कर रही है।

क्या होगा Special Forces Operation में?
इस तरह के किसी Ground Operation की कल्पना करना ही रोंगटे खड़े कर देने वाला है। Iran एक बड़ी सैन्य शक्ति है और उसकी धरती पर बिना युद्ध घोषित किए Special Forces भेजना अंतर्राष्ट्रीय कानून और कूटनीति के लिहाज़ से एक अत्यंत जोखिम भरा कदम होगा।
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे किसी ऑपरेशन के तीन बड़े खतरे हैं — पहला, Iran की जवाबी कार्रवाई; दूसरा, Middle East में एक बड़े युद्ध की शुरुआत; और तीसरा, Russia व China का इसमें हस्तक्षेप।
Trump का “Maximum Pressure” वाला रुख
Donald Trump पहले भी Iran के प्रति “Maximum Pressure” की नीति अपनाते रहे हैं। उनके पहले कार्यकाल में America JCPOA (Joint Comprehensive Plan of Action) से बाहर निकला था, जिसके बाद Iran ने Uranium Enrichment की रफ्तार कई गुना बढ़ा दी थी।
अब दूसरे कार्यकाल में भी Trump ने Iran को बार-बार चेतावनी दी है कि अगर उसने परमाणु वार्ता में हिस्सा नहीं लिया तो परिणाम गंभीर होंगे। Bloomberg की यह रिपोर्ट उसी बढ़ते दबाव की एक नई कड़ी है।
White House की चुप्पी
अब तक White House ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। Iran की तरफ से भी फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है और कूटनीतिक रास्ते लगातार संकरे होते जा रहे हैं।
दुनिया की निगाहें अब Washington और Tehran दोनों पर टिकी हैं।
