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“संवैधानिक पद न होता तो उँगली काट देता” TMC सांसद के बयान से मचा सियासी बवाल
तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में दिया विवादित बयान — BJP ने की कड़ी आलोचना, पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सियासत हुई और तीखी।
नई दिल्ली / कोलकाता। राजनीति में शब्दों की ताक़त होती है — और कभी-कभी एक जुमला पूरे माहौल को बदल देता है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कुछ ऐसा कह दिया जिसने देशभर में सियासी हलचल मचा दी।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को एक विवाद खड़ा कर दिया — उन्होंने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संवैधानिक पद पर न होते तो वे उनकी “उँगली काट देते।”
यह बयान आते ही राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया। विरोधियों ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताया तो TMC के समर्थकों ने कहा यह गुस्से में कही बात है।
आखिर नौबत यहाँ तक कैसे पहुँची?
यह बात समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी मतदाता सूची की सफाई का काम शुरू किया। इस प्रक्रिया में पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से करीब 63.66 लाख नाम हटाए गए — जो कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत है। इससे मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ हो गई।
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TMC ने इस पूरे अभ्यास को “BJP की साज़िश” बताया। पार्टी का कहना था कि असली मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
CEC से तनातनी की एक लंबी कहानी
जनवरी में जब TMC का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला, तो TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार बैठक में उन पर उँगली उठाकर बात करने लगे। अभिषेक ने कहा था — “आप मनोनीत अधिकारी हैं, मैं चुना हुआ प्रतिनिधि हूँ।”
फरवरी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद काले शॉल पहनकर दिल्ली में CEC से मिलीं और बैठक के बाद कहा — “मैंने इतने साल राजनीति में बिताए हैं, इतना अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा।”
और अब इसी सिलसिले में TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने यह विस्फोटक बयान दे दिया।
BJP ने साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा था — “TMC चुनाव आयोग का मज़ाक बनाना चाहती है। वो सिर्फ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं।”
अब कल्याण बनर्जी के बयान के बाद BJP के नेताओं ने और तीखे तेवर अपना लिए हैं। कहा जा रहा है कि यह बयान संवैधानिक संस्थाओं के प्रति असम्मान का सबूत है।

कल्याण बनर्जी — वो नेता जो “साफ बोलने” के लिए जाने जाते हैं
कल्याण बनर्जी TMC के उन नेताओं में से हैं जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। वे वकील भी हैं और लोकसभा में पार्टी के तेज़तर्रार वक्ताओं में गिने जाते हैं।
लेकिन इस बार उनके शब्द — “उँगली काट देता” — ने उन्हें विवादों के केंद्र में खड़ा कर दिया। क्रिकेट की भाषा में कहें तो — यह एक ऐसा शॉट था जो शायद मैदान से बाहर ज़्यादा चर्चित हुआ।
चुनाव से पहले का माहौल
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा था — “2026 में चाहे SIR करो या FIR — BJP 50 सीटों से नीचे रहेगी।” N
पर जैसे-जैसे बंगाल चुनाव करीब आ रहा है, बयानबाज़ी का स्तर नीचे जाता दिख रहा है। जब राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इतनी तीखी हो जाए कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के बारे में इस तरह के बयान आने लगें — तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं।
मतदाता देख रहे हैं। और वोट देने की उँगली — वो किसी की नहीं काटी जाती।
