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Saudi Arabia में ऊंटों को मिला डिजिटल पासपोर्ट अब हर ऊंट की होगी पूरी पहचान
Camel Passport सिस्टम से ऊंटों की खरीद-बिक्री और सेहत पर बनेगी सीधी नजर, बाजार में बढ़ेगा भरोसा
ऊंटों के लिए दुनिया का सबसे अनोखा और आधुनिक कदम अब Saudi Arabia ने उठा लिया है। सऊदी सरकार ने ऊंटों की पहचान, मालिकाना हक और व्यापार को पारदर्शी बनाने के लिए Camel Passport नाम की एक नई डिजिटल व्यवस्था लॉन्च की है। इस पहल के बाद हर पंजीकृत ऊंट की अपनी एक आधिकारिक पहचान होगी, ठीक इंसानों के पासपोर्ट की तरह।
यह योजना मंगलवार को Mansour Al-Mushaiti, उप मंत्री (पर्यावरण, जल और कृषि) द्वारा लॉन्च की गई। यह पहल National Program for the Development of the Livestock and Fisheries Sector के तहत लाई गई है, जिसका उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना है।
क्या है Camel Passport और क्यों है खास
Camel Passport एक ऐसा डिजिटल और रेगुलेटरी सिस्टम है, जिसमें ऊंट से जुड़ी हर जरूरी जानकारी एक ही फ्रेमवर्क में दर्ज होगी। इससे सरकार, पशु चिकित्सक और व्यापारी सभी को एक भरोसेमंद और आधिकारिक रिकॉर्ड मिलेगा।
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इस पासपोर्ट में ऊंट से जुड़ी कई अहम जानकारियां शामिल होंगी, जैसे –
- माइक्रोचिप नंबर
- पासपोर्ट नंबर
- ऊंट का नाम
- जन्म तिथि और जन्म स्थान
- नस्ल, रंग और लिंग
- ऊंट की दोनों तरफ से खींची गई तस्वीरें
- पासपोर्ट जारी होने की तारीख और स्थान
इतना ही नहीं, इसमें एक अलग टीकाकरण रिकॉर्ड सेक्शन भी होगा, जिसमें ऊंट को दिए गए सभी वैक्सीनेशन का विवरण दर्ज रहेगा। इस रिकॉर्ड को पशु चिकित्सक के नाम, हस्ताक्षर और आधिकारिक मुहर के साथ प्रमाणित किया जाएगा।
ऊंटों की खरीद-बिक्री होगी ज्यादा सुरक्षित
सऊदी कृषि मंत्रालय के मुताबिक, Camel Passport सिस्टम ऊंटों की बिक्री, ट्रांसपोर्ट और मालिकाना हक के ट्रांसफर को सुव्यवस्थित करेगा। अब किसी भी ऊंट को खरीदने या बेचने से पहले उसका पूरा रिकॉर्ड आसानी से सत्यापित किया जा सकेगा।

इससे न सिर्फ मालिकों के अधिकार सुरक्षित होंगे, बल्कि बाजार में धोखाधड़ी और विवादों की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी। खरीदार और विक्रेता दोनों के बीच भरोसा बढ़ेगा।
बाजार में बढ़ेगी ऊंटों की कीमत
नई व्यवस्था से ऊंटों की मार्केट वैल्यू भी बढ़ने की उम्मीद है। अब कीमत सिर्फ अंदाजे पर नहीं, बल्कि ऊंट की नस्ल, सेहत, उम्र और जेनेटिक जानकारी के आधार पर तय की जा सकेगी। इससे स्थानीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय ऊंट नीलामियों में भी पारदर्शिता आएगी।
भविष्य की योजना में भी मददगार
Camel Passport केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। यह सिस्टम सरकार को ऊंटों की संख्या, उनकी उम्र, नस्ल और रंग से जुड़ा सटीक डेटा देगा। इससे पशुपालन की बेहतर योजना, जेनेटिक सुधार और स्थानीय नस्लों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सऊदी अरब में ऊंट सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। Camel Passport के जरिए सरकार इस परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए भविष्य के लिए तैयार कर रही है।
