Sports
Messi के सामने AQI AQI के नारे, दिल्ली के स्मॉग पर गुस्सा निकालते दिखे फैंस
अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली CM के मंच पर आते ही बदला माहौल, गंभीर प्रदूषण के बीच हुआ Messi इवेंट
दिल्ली में आयोजित Lionel Messi GOAT Tour का आखिरी पड़ाव यादगार तो रहा, लेकिन इसकी चर्चा सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रही। सोमवार शाम अरुण जेटली स्टेडियम में उस वक्त माहौल अचानक बदल गया, जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंच पर पहुंचीं। हजारों की संख्या में मौजूद फैंस ने जहां पहले अपने पसंदीदा फुटबॉल स्टार के लिए “Messi, Messi” के नारे लगाए, वहीं CM के आते ही नारे बदलकर “AQI, AQI” हो गए।
पूरा दिन दिल्ली घने स्मॉग की चपेट में रही। हवा की खराब स्थिति के बावजूद फैंस बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे थे। शाम होते-होते राजधानी का Air Quality Index (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था। सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 325 दर्ज किया गया, जबकि यह लगातार तीसरा दिन था जब राजधानी ‘Severe’ श्रेणी में रही।
स्मॉग ने Messi की फ्लाइट भी की लेट
खराब मौसम और धुंध का असर Lionel Messi की यात्रा पर भी पड़ा। उनकी चार्टर्ड फ्लाइट सुबह 10:45 बजे दिल्ली पहुंचने वाली थी, लेकिन घने कोहरे के चलते विमान करीब चार घंटे देरी से 2:30 बजे लैंड कर सका। इसके चलते Messi शाम 4:30 बजे के आसपास ही कार्यक्रम स्थल पहुंच पाए।

दिसंबर का दूसरा सबसे प्रदूषित दिन
इससे एक दिन पहले ही दिल्ली ने इस सीजन का सबसे प्रदूषित दिन देखा था। रविवार को राजधानी का औसत AQI 461 रिकॉर्ड किया गया, जो 2015 के बाद दिसंबर महीने का दूसरा सबसे खराब दिन माना जा रहा है। यह डेटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के AQI मॉनिटरिंग सिस्टम के मुताबिक सामने आया है।
फैंस का संदेश साफ
स्टेडियम में AQI के नारे सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक साफ संदेश थे। फैंस यह जताना चाहते थे कि दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल स्टार के स्वागत के बीच भी दिल्ली की हवा एक बड़ी समस्या बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो वायरल हो गए, जहां लोग इसे “खेल के जश्न के बीच प्रदूषण की कड़वी सच्चाई” बता रहे हैं।
खेल, जश्न और चिंता – तीनों साथ
GOAT Tour का यह पड़ाव जहां फुटबॉल प्रेमियों के लिए खास रहा, वहीं दिल्ली की बिगड़ती हवा ने पूरे इवेंट पर सवालिया निशान भी लगा दिया। Messi की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया, लेकिन AQI के नारे यह याद दिला गए कि राजधानी की सबसे बड़ी लड़ाई अब भी साफ हवा के लिए ही है।
और पढ़ें – DAINIK DIARY
