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मुरादाबाद एनकाउंटर: 65 केसों वाला बदमाश ‘टिड्डा’ और उसका साथी ढेर, बुलेटप्रूफ जैकेट ने SSP को बचाया मौत से
मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो खूंखार अपराधी मार गिराए गए; एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाला मो. आसिफ उर्फ टिड्डा भी मारा गया
मुरादाबाद में सोमवार देर रात हुए एनकाउंटर ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत को हिला कर रख दिया। मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधी — मो. आसिफ उर्फ टिड्डा (32) और उसका साथी दीनू (30) — मारे गए।
दोनों अपराधियों पर यूपी के कई जिलों में लूट, हत्या, रंगदारी और डकैती के 65 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
एनकाउंटर के दौरान अपराधियों की गोलियां एसएसपी सतपाल अंटिल और एसपी (एसटीएफ) बृजेश कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं, लेकिन दोनों अधिकारी बाल-बाल बच गए।
पुलिस को कैसे मिला सुराग
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार दोपहर मेरठ एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मो. आसिफ और दीनू मुरादाबाद के रास्ते मेरठ लौटने की योजना में हैं। दोनों के मोबाइल नंबर पहले से ट्रैक पर थे। लोकेशन मुरादाबाद में एक्टिव मिलते ही पुलिस ने हाजी ज़फ़र अली के घर और हाईवे इलाकों में टीमों को तैनात कर दिया।
शाम 4 बजे एक कार चोरी की वारदात की खबर मिली, जिससे पुलिस को यकीन हो गया कि यही वही अपराधी हैं। इसके बाद इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और घेराबंदी शुरू की गई।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
रात करीब 8:18 बजे पुलिस को जानकारी मिली कि अपराधी एक ह्युंडई कार से भोजपुर क्षेत्र की ओर जा रहे हैं। जब पुलिस ने कार को रुकने का संकेत दिया तो उन्होंने पक्की सड़क छोड़कर कच्चे रास्ते से भागने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी वहीं कीचड़ में फंस गई।
पुलिस टीम जैसे ही आगे बढ़ी, अपराधियों ने लगातार फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने कई बार सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वे गोलीबारी करते रहे।
आखिरकार जवाबी फायरिंग में दोनों को गंभीर गोली लगी और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

20 से ज़्यादा राउंड फायर, तीन पिस्टल बरामद
पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने 20 से अधिक राउंड फायर किए। एनकाउंटर स्थल से तीन पिस्टल, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं।
एसपी (एसटीएफ) बृजेश कुमार सिंह ने बताया —
“आसिफ पर ₹1 लाख और दीनू पर 50,000 का इनाम था। आसिफ हाल ही में मुरादाबाद के एक प्रॉपर्टी डीलर से 1 करोड़ की रंगदारी मांग रहा था।”
खुद दी पुलिस को अपनी लोकेशन
जांच में खुलासा हुआ कि आसिफ और दीनू के मोबाइल फोन की लोकेशन खुद उनके पतन की वजह बनी। एसटीएफ ने दोपहर में उनकी लोकेशन ट्रेस की थी, जिसके बाद पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया।
जैसे ही वे रास्ता बदलकर जामा मस्जिद ब्रिज की ओर भागे, वहां पहले से SSP सतपाल अंटिल और एसटीएफ की टीम तैनात थी। कुछ ही मिनटों में दोनों को घेर लिया गया और एनकाउंटर में मार गिराया गया।
इलाके में शांति, लेकिन अलर्ट जारी
घटना के बाद पूरे मुरादाबाद जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सभी थानों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी अंटिल ने कहा —
“पुलिस की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
निष्कर्ष
इस एनकाउंटर ने एक बार फिर दिखा दिया कि यूपी पुलिस अब अपराधियों को खुली चुनौती देने से पीछे नहीं हटेगी। मुरादाबाद के इस ऑपरेशन को राज्य पुलिस की “प्रेसिजन प्लानिंग और तेज़ एक्शन” का उदाहरण माना जा रहा है।
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