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Vinod Khanna की अधूरी दास्तान… क्यों अचानक छोड़ दी थी शोहरत, धन और Stardom… पत्नी Kavita ने बताया– ‘उनके साथ जीना आसान नहीं था…

फिल्मों से लेकर राजनीति तक चमकने वाले दिग्गज अभिनेता Vinod Khanna की ज़िंदगी जितनी सफल रही, उतनी ही रहस्यमयी भी—ओशो आश्रम की राह, टूटता परिवार और पत्नी Kavita की साफ़ बातों ने उनकी कहानी को और खास बना दिया।

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Vinod Khanna की अनसुनी कहानी– ओशो आश्रम, टूटता परिवार और पत्नी Kavita का सच
Vinod Khanna: एक सुपरस्टार जिसने Stardom से ऊपर चुनी आध्यात्मिक शांति

हिंदी सिनेमा में कुछ ऐसे कलाकार हैं जिनकी मौजूदगी पर्दे पर एक अलग ही जादू बिखेरती थी। उन्हीं में से एक थे Vinod Khanna—एक ऐसा नाम, जिसकी शख्सियत, आवाज़ और स्क्रीन उपस्थिति ने 70 के दशक में लाखों दिलों पर राज किया। लेकिन उनकी ज़िंदगी सिर्फ सुपरहिट फ़िल्मों तक सीमित नहीं थी; वह फैसलों की ऐसी कहानी भी है जिसमें सफलता के चरम पर पहुंचकर सब कुछ छोड़ देने का हौसला शामिल है।

शुरुआत जिसने इंडस्ट्री को चौंका दिया

1968 में Sunil Dutt की फ़िल्म Man Ka Meet से डेब्यू करने वाले Vinod Khanna ने जल्द ही अपनी दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस से सबको प्रभावित किया। Mera Gaon Mera Desh, Amar Akbar Anthony, Muqaddar Ka Sikandar और The Burning Train जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों ने उन्हें अपने दौर का सबसे भरोसेमंद अभिनेता बना दिया।

लेकिन 70 के दशक के आखिरी वर्षों में, जब Vinod अपने करियर की सबसे ऊंची चोटी पर थे, उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे बॉलीवुड को झकझोर दिया—फिल्मों को अचानक छोड़कर ओशो के आश्रम की ओर रुख करना।

Vinod Khanna की अनसुनी कहानी– ओशो आश्रम, टूटता परिवार और पत्नी Kavita का सच

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“दिमाग ने मुझे यह करने पर मजबूर किया…”

एक पुराने इंटरव्यू Rendezvous with Simi Garewal में Vinod ने बताया कि वह अंदर से टूट रहे थे। उन्होंने कहा—
“My mind made me do that… मेरे विचार बिखरे हुए थे, गुस्सा बहुत था, मैं saturation point पर पहुंच चुका था।”

Vinod की मानें तो मेडिटेशन ही वह चीज़ थी जिसने उन्हें फिर से खुद की ओर लौटाया। उन्होंने कहा—
“I realised I could master my mind… अब समय खुद को देने का था।”

ओशो के पास बिताया गया समय

Osho के आश्रम में बिताए गए वर्षों ने उनकी निजी जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया।
उनकी पहली पत्नी Gitanjali Taleyarkhan से रिश्ते में दूरियाँ बढ़ने लगीं। 1971 में शादी करने वाले दंपति के दो बेटे हुए—

लेकिन 1985 में उनका तलाक हो गया।

दूसरी पारी और दूसरी शादी

भारत लौटने के बाद Vinod ने फिर से फिल्मों और पब्लिक लाइफ में वापसी की। 1990 में उन्होंने Kavita Daftary से शादी की।
उनके दो बच्चे हुए—Sakshi और Shraddha।

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Kavita की साफ़-साफ़ बात—“वो रहने के लिए थोड़ा taxing हैं…”

एक दिलचस्प इंटरव्यू में जब Kavita से पूछा गया—क्या Vinod Khanna के साथ रहना मुश्किल है?
उन्होंने हंसते हुए कहा—
“He is a very taxing person to live with… लेकिन शुरुआत में यही बात मुझे उनकी तरफ आकर्षित कर गई थी।”

Kavita के मुताबिक, Vinod की personality जितनी inspiring थी, उतनी ही demanding भी। उनका कहना था—
“जो बात पहले exciting लगती है, वही रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कभी-कभी भारी लगने लगती है।”

बॉलीवुड से राजनीति तक

फिल्मों के अलावा Vinod ने राजनीति में भी बड़ा योगदान दिया। उन्होंने Lok Sabha के सदस्य के रूप में सेवा की और मंत्रालयों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
इतने लंबे ब्रेक के बाद भी उनका फिल्मी करियर दोबारा चमका और उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए।

अंतिम विदाई

Vinod Khanna का निधन 27 अप्रैल 2017 को हुआ, लेकिन उनकी कहानी आज भी उतनी ही जीवंत है।
एक सुपरस्टार जिसने शोहरत को ठुकराकर आध्यात्मिक शांति चुनी—ऐसी मिसाल हिंदी सिनेमा में कम ही मिलती है।

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