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Vaibhav Suryavanshi के टॉस के दर्द ने दिखाया कप्तानी का सच, मैदान पर छिपी किशोर कप्तान की पीड़ा
लगातार तीसरे टॉस में हार के बाद Aaron George के साथ 96 रन की तूफानी साझेदारी ने संभाला हौसला, मैच रेफरी का भावुक इशारा कैमरे में क़ैद
भारतीय अंडर-19 टीम के अस्थायी कप्तान Vaibhav Suryavanshi के लिए मंगलवार का दिन भावनाओं से भरा रहा। South Africa के खिलाफ श्रृंखला के तीसरे और अंतिम मुकाबले से पहले हुए सिक्का उछाल ने उन्हें निराशा में डाल दिया। युवा कप्तान लगातार तीन टॉस गंवा चुके हैं और इस बार भी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। Vaibhav Suryavanshi ने मायूसी में अपना चेहरा हाथों में छिपा लिया, मानो वह विश्वास ही न कर पा रहे हों कि घटनाएं फिर वही मोड़ ले रही हैं।
टॉस की लगातार हार का असर
कप्तानी सिर्फ फैसले लेने का नाम नहीं, बल्कि धैर्य की परीक्षा भी होती है। Vaibhav Suryavanshi ने इस श्रृंखला में पहली बार सीनियर स्तर जैसी जिम्मेदारी संभाली है। South Africa के खिलाफ तीनों मैचों में टॉस हारना उनके लिए व्यक्तिगत झटका जरूर है, लेकिन टीम के नतीजे कहानी का दूसरा पहलू दिखाते हैं। पहले दो मुकाबलों में भी Vaibhav Suryavanshi टॉस नहीं जीत पाए थे, फिर भी India युवा खिलाड़ियों ने दोनों खेलों में बड़ी जीत दर्ज की। इसलिए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि Vaibhav Suryavanshi की निराशा स्वाभाविक है, मगर इसे असफलता का पैमाना नहीं बनाना चाहिए।
मैच रेफरी का इशारा भी कैमरे में कैद हुआ, जो बहुत कुछ बिना बोले कह गया। उनकी मुद्रा से ऐसा लगा जैसे वह Vaibhav Suryavanshi को समझा रहे हों कि सिक्का उछाल में इंसान की भूमिका सीमित होती है। यह दृश्य भारतीय प्रशंसकों के दिलों को छू गया।

महान कप्तानों के साथ भी हुआ है ऐसा
India क्रिकेट इतिहास में टॉस की हार नई बात नहीं है। MS Dhoni, Virat Kohli, Rohit Sharma, Shubman Gill और KL Rahul जैसे दिग्गज भी कई बार लगातार टॉस हारे हैं। Vaibhav Suryavanshi को यह याद रखना चाहिए कि सिक्का उछाल का परिणाम खेल की दिशा तय कर सकता है, मगर खिलाड़ी की काबिलियत को खत्म नहीं करता।
हाल ही में India सीनियर टीम भी लंबे समय तक टॉस के मोर्चे पर संघर्ष करती रही। आंकड़े बताते हैं कि 2023 विश्व कप के बाद से India ने 93 मैचों में सिर्फ 33 टॉस जीते। नवंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच India ने लगातार 11 टॉस गंवाए थे। यह दौर दिखाता है कि किस्मत का उतार-चढ़ाव सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को भी झेलना पड़ता है।
14 साल के कप्तान का जवाबी हमला
तीसरे मैच में भी South Africa ने India को पहले बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया। Vaibhav Suryavanshi ने टॉस हार का गुस्सा बल्ले से उतारा और सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया। Aaron George के साथ उन्होंने 96 रन की तेज-तर्रार साझेदारी की, जिसने Powerplay में South Africa गेंदबाजों का आत्मविश्वास तोड़ दिया।
Vaibhav Suryavanshi पिछली पारी में सबसे तेज अंडर-19 अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। इस मैच में भी वह उसी लय में दिखे। उनकी पारी में चौकों-छक्कों की भरमार रही और दर्शकों को एहसास हुआ कि वह सिर्फ टॉस की कहानी के पात्र नहीं, बल्कि मैच विजेता खिलाड़ी हैं।
टॉस बनाम प्रदर्शन की बहस
टॉस की हार को लेकर सोशल मंचों पर दो तरह की राय चल रही है। कुछ प्रशंसक इसे अपशकुन मान रहे हैं, जबकि कई लोग कह रहे हैं कि Vaibhav Suryavanshi के खेल का असर कहीं ज्यादा बड़ा है। कप्तानी सीखने का सफर कठिन जरूर है, पर Vaibhav Suryavanshi जिस तरह से match awareness और शॉट रेंज दिखा रहे हैं, वह उन्हें India टीम का मुख्य बल्लेबाज बना सकता है।
Under-19 विश्व कप से पहले संदेश
यह श्रृंखला India के लिए 3-0 की बड़ी जीत का अवसर थी। टीम lead colts पहले ही 2-0 से आगे हैं और Under-19 World Cup opener 15 जनवरी को खेला जाना है। Vaibhav Suryavanshi को selection clarity भी मिल रही है—उन्हें opener aggressor की भूमिका में देखा जा रहा है।
क्या सीख मिली
- कप्तानी luck पर नहीं, repeat process पर चलती है
- Vaibhav Suryavanshi का boundary percentage टीम के लिए ceiling बढ़ाता है
- middle order को rescue नहीं, leverage मिलता है
South Africa के खिलाफ आखिरी परीक्षा
तीसरे मैच में भी Vaibhav Suryavanshi की body language शुरुआत में बुझी रही, मगर पिच पर उतरते ही वह fearless mode में लौट आए। South Africa टीम ने अपनी रणनीति बदली, short balls और wide yorker आजमाए, लेकिन Vaibhav Suryavanshi ने angle shift कर लगातार रन बटोरे।
रेफरी और Indian Colts bench का reaction बताता है कि टीम का भरोसा Vaibhav Suryavanshi पर कायम है। series configuration अब मजबूत दिशा में है।
निष्कर्ष
Vaibhav Suryavanshi का चेहरा despair में जरूर झुका, मगर उनका खेल India टीम की उम्मीदों को ऊपर उठा रहा है। 14 साल का skipper maturity दिखा रहा है और South Africa के Benoni मैदान पर उनकी stitched partnership selection panel के लिए साफ संकेत है—भविष्य नहीं, वर्तमान पर ध्यान दो।
