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Usman Khawaja ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक संदेश में बोले – क्रिकेट ने मुझे मेरी सोच से भी ज्यादा दिया

ऑस्ट्रेलिया के भरोसेमंद बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया, फैंस और साथी खिलाड़ी भावुक

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उस्मान ख्वाजा का संन्यास: बोले– क्रिकेट ने मुझे मेरी कल्पना से भी ज्यादा दिया
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करते ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से एक भावुक विदाई की खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने करियर को अलविदा कहते हुए ख्वाजा ने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें उनकी कल्पना से कहीं ज़्यादा दिया है।

ख्वाजा ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं रहा, बल्कि उनके जीवन की सबसे बड़ी सीख और पहचान बना। एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर जिन्होंने अलग-अलग हालात, चुनौतियों और आलोचनाओं का सामना किया, ख्वाजा का सफर हमेशा आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हर दौर में खुद को साबित किया।

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उस्मान ख्वाजा ने अपने संदेश में भगवान का ज़िक्र करते हुए कहा कि क्रिकेट के ज़रिए उन्हें जो सम्मान, अनुभव और आत्मविश्वास मिला, वह उनकी सोच से भी परे था। उन्होंने अपने परिवार, कोचों, टीम के साथियों और फैंस का आभार जताया, जिन्होंने हर मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया।

उस्मान ख्वाजा का संन्यास: बोले– क्रिकेट ने मुझे मेरी कल्पना से भी ज्यादा दिया


ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में ख्वाजा ने कई यादगार पारियां खेलीं। विदेशी ज़मीन पर हो या घरेलू मैदान पर, उनकी बल्लेबाज़ी में धैर्य और तकनीक की झलक साफ दिखती थी। खासतौर पर टेस्ट फॉर्मेट में उन्होंने टीम को कई बार मुश्किल हालात से बाहर निकाला।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ख्वाजा का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बड़ा खालीपन छोड़ जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि वह घरेलू क्रिकेट या अन्य भूमिकाओं में खेल से जुड़े रह सकते हैं।

उनके संन्यास की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस भावुक हो गए। कई लोगों ने उन्हें एक शांत, संयमित और प्रेरणादायक खिलाड़ी बताया, जिसने अपने खेल से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से भी पहचान बनाई।

उस्मान ख्वाजा का इंटरनेशनल क्रिकेट से जाना एक युग के अंत जैसा है, लेकिन उनकी पारियां और योगदान क्रिकेट प्रेमियों की यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे।