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अमेरिकी दूतावास की दो टूक चेतावनी से घबराए छात्र वीज़ा धारक, कानून तोड़ा तो देश निकाला तय
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों का वीज़ा रद्द होगा, उन्हें अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा और भविष्य में दोबारा वीज़ा मिलना मुश्किल हो सकता है
अमेरिका में पढ़ाई कर रहे या वहां जाने की तैयारी में लगे भारतीय अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिकी दूतावास ने बहुत सख्त संदेश जारी किया है। अमेरिकी दूतावास ने साफ कहा है कि अगर कोई छात्र अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे अमेरिका से बाहर भेजा जा सकता है, उसका वीज़ा समाप्त किया जा सकता है और वह आगे आने वाले वर्षों में नए वीज़ा के लिए अयोग्य भी घोषित हो सकता है।
वीज़ा विशेषाधिकार है अधिकार नहीं
दूतावास के अनुसार अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार माना जाता है, कोई जन्मसिद्ध अधिकार नहीं। इसलिए वहां रहने वाले प्रत्येक छात्र को स्थानीय नियमों और कानूनों का सम्मान करना अनिवार्य है। दूतावास ने बताया कि “यदि आप किसी भी अपराध में गिरफ़्तार होते हैं या नियम तोड़ते हैं तो आपके छात्र वीज़ा पर गंभीर परिणाम होंगे।” यह बात स्पष्ट संकेत देती है कि अमेरिकी सरकार अनुशासन के मामले में कोई नरमी नहीं बरतेगी।
किन स्थितियों में हो सकता है निर्वासन
अमेरिकी दूतावास ने तीन मुख्य खतरे गिनाए—
- पढ़ाई के अलावा अवैध काम करना
- किसी आपराधिक मामले में शामिल होना
- आव्रजन से जुड़े नियमों का उल्लंघन
इनमें से किसी भी बिंदु पर दोष सिद्ध हुआ तो छात्र को तुरंत देश छोड़ने का आदेश मिल सकता है।
पहले भी आया था कामकाजी वीज़ा पर सख्त संदेश
पिछले सप्ताह दूतावास ने एच-1बी और एच-4 वीज़ा चाहने वालों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी दी थी। तब कहा गया था कि आव्रजन कानूनों को तोड़ने पर आपराधिक दंड और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। अब वही कठोरता छात्र वीज़ा धारकों तक बढ़ा दी गई है।
अवैध आव्रजन को बताया व्यर्थ सफर
दूतावास ने अवैध तरीके से अमेरिका आने की कोशिश को “व्यर्थ सफर” करार दिया। बयान में कहा गया कि ऐसे लोग हिंसक गिरोह, मानव तस्करों और भ्रष्ट अधिकारियों के शिकार बनते हैं। इसका लाभ सिर्फ तस्करों को मिलता है, जबकि छात्र और परिवार को नुकसान झेलना पड़ता है।
वीज़ा नियुक्तियों पर असर
नई नीतियों के बाद भारत से कई छात्रों की वीज़ा नियुक्तियां रद्द हुईं या महीनों आगे बढ़ा दी गईं। जिन परिवारों ने अमेरिका पढ़ाई के लिए योजना बनाई थी, उन्हें दोबारा वित्तीय और शैक्षिक प्रबंधन करना पड़ रहा है।
भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट
अमेरिका में पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय दाखिलों में बड़ी कमी दर्ज हुई। आंकड़ों के अनुसार नए अंतरराष्ट्रीय नामांकन में लगभग सत्रह प्रतिशत गिरावट आई। अगस्त 2024 के आंकड़े उन्नीस प्रतिशत सालाना कमी दिखाते हैं, जो 2021 के बाद सबसे कम स्तर है।

प्रतीक्षा अवधि और रोजगार
अमेरिका में कुशल कामगारों के लिए बने एच-1बी वीज़ा आवेदकों को अभूतपूर्व प्रतीक्षा समय का सामना करना पड़ रहा है। इससे भारतीय छात्र जो पढ़ाई के बाद रोजगार चाहते हैं, उनकी राह कठिन हो गई है।
परिवारों के लिए संदेश
दूतावास ने माता-पिता से कहा है कि बच्चों को अमेरिका भेजने से पहले उन्हें कानूनों की जानकारी दें और किसी भी गलत कदम से बचाएं। यह privilege यात्रा तभी सफल होगी जब नियमों का पालन होगा।
क्या करें छात्र
- स्थानीय कानूनों का सम्मान
- वैध अनुमति के साथ ही काम
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि से दूरी
निष्कर्ष
अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी भारतीय अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए गंभीर घंटी है। privilege अवसर को सुरक्षित रखने का एक ही तरीका है—नियमों का पूरा पालन। जो भी कानून तोड़ेगा, उसे देश निकाला झेलना पड़ सकता है।
