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“नेवी तबाह, मिसाइलें मिट्टी में” — Donald Trump ने खुलेआम बताया ईरान को बर्बाद करने का पूरा प्लान
तेहरान पर दिन-दहाड़े हमला, खामेनेई के दफ्तर के पास उठा धुआं — और ट्रंप बोले, “ईरानियों, तुम्हारी आज़ादी का वक्त आ गया है।”
आमतौर पर युद्ध की योजनाएं गुप्त रखी जाती हैं। जनरल चुप रहते हैं, राष्ट्रपति सधे हुए शब्द बोलते हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार कोई लाग-लपेट नहीं रखी। उन्होंने Truth Social पर एक वीडियो जारी किया और सीधे-सीधे बता दिया कि ईरान के साथ क्या करना है।
“हम उनकी मिसाइलें तबाह करेंगे, उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को ज़मींदोज़ करेंगे। उनकी नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे।” — ये ट्रंप के अपने शब्द हैं।
तेहरान पर दिन-दहाड़े हमला
शनिवार को इज़राइल ने तेहरान पर खुलेआम दिन में हमला बोला। यह कोई रात का छुपा-छुपाकर किया गया ऑपरेशन नहीं था। चश्मदीदों ने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास धुएं के गुबार उठते देखे गए। खामेनेई खुद कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं — जो अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
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ट्रंप का ‘नेक मिशन’
ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन को “नेक मिशन” कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ “बड़ा युद्ध अभियान” शुरू किया है और इसका मकसद अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा है।
“47 सालों से ईरानी शासन ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ चिल्लाता रहा है। हमारे सैनिकों को निशाना बनाया, बेगुनाहों का खून बहाया” — ट्रंप ने कहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बावजूद ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू कर दिया। और अब उनकी लंबी दूरी की मिसाइलें यूरोप, अमेरिकी सैनिकों और यहां तक कि अमेरिकी ज़मीन तक पहुंचने में सक्षम हो रही हैं।

ईरानी सेना को ‘इम्युनिटी या मौत’ का विकल्प
ट्रंप ने ईरानी सैनिकों को सीधा संदेश दिया — या तो आत्मसमर्पण करो और इम्युनिटी पाओ, या “निश्चित मौत” के लिए तैयार रहो। यह वैसा ही संदेश था जैसे किसी बॉलीवुड फिल्म के खलनायक को आखिरी मौका दिया जाता है — फर्क सिर्फ इतना है कि यह असली युद्ध है।
ईरान की जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “तुम्हारी आज़ादी का वक्त आ गया है।” इस बयान को कई विशेषज्ञ ईरान में शासन परिवर्तन के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
इज़राइल का ‘प्रिवेंटिव स्ट्राइक’
इज़राइल ने इस हमले को “प्रिवेंटिव स्ट्राइक” यानी पहले से खतरा भांपकर किया गया हमला बताया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने देना इज़राइल के लिए अस्तित्व का सवाल है।
अब दुनिया यह देख रही है कि ट्रंप का यह “ब्लूप्रिंट” ज़मीन पर कितना असरदार साबित होता है — और ईरान की अगली चाल क्या होगी।
