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ओवल में राज करने वाले 5 भारतीय बल्लेबाज़ जिनके सामने इंग्लिश गेंदबाज़ भी काँप उठे
IND vs ENG 5th Test: केनिंग्टन ओवल में इन भारतीय बल्लेबाज़ों ने अपने प्रदर्शन से रचा इतिहास, बनाए ढेरों रन
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला 31 जुलाई 2025 से लंदन के प्रतिष्ठित केनिंग्टन ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस सीरीज में दोनों ही टीमों ने जबरदस्त मुकाबला किया है, और अब भारत की कोशिश होगी कि वह आखिरी मैच जीतकर सीरीज को 2-2 से बराबरी पर समाप्त करे। वहीं इंग्लैंड इस मैच को जीतकर 3-1 से सीरीज अपने नाम करना चाहेगा।
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लेकिन क्या आपको पता है कि केनिंग्टन ओवल पर भारतीय बल्लेबाज़ों ने समय-समय पर ऐसे शानदार प्रदर्शन किए हैं जो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के ज़ेहन में ताज़ा हैं। आइए जानते हैं उन पांच भारतीय बल्लेबाजों के बारे में जिन्होंने इस ऐतिहासिक मैदान पर गेंदबाज़ों की नींदें उड़ा दी थीं।
1. राहुल द्रविड़ – ‘द वॉल’ का अटूट प्रदर्शन
राहुल द्रविड़ को यूं ही ‘द वॉल’ नहीं कहा जाता। साल 2002 से 2011 के बीच उन्होंने ओवल पर तीन मैच खेले और 110.75 की औसत से कुल 443 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से दो शानदार शतक निकले, जिसमें 217 रनों की ऐतिहासिक पारी आज भी याद की जाती है। यह प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि द्रविड़ इंग्लैंड की परिस्थितियों में कितना सहज और भरोसेमंद बल्लेबाज़ थे।

2. सचिन तेंदुलकर – अर्धशतकों का सिलसिला
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने ओवल की छह पारियों में 272 रन बनाए। भले ही वह यहां शतक नहीं लगा पाए, लेकिन उनके तीन अर्धशतक उनके क्लास और निरंतरता को दर्शाते हैं। हर बार जब भी सचिन क्रीज पर आते थे, दर्शक सांसें थाम लेते थे।

3. रवि शास्त्री – ओवल में ऑलराउंड धमाका
पूर्व खिलाड़ी और कोच रवि शास्त्री ने इस मैदान पर सिर्फ दो मैच खेले, लेकिन उनका प्रभाव जबरदस्त रहा। उन्होंने 253 रन बनाए जिसमें एक लाजवाब 187 रनों की पारी शामिल थी। यह पारी आज भी भारतीय टेस्ट इतिहास की शानदार पारियों में गिनी जाती है।

4. केएल राहुल – नई पीढ़ी का चमकता सितारा
2018 में ओवल पर खेली गई 149 रनों की पारी से केएल राहुल ने क्रिकेट जगत में यह ऐलान कर दिया कि वह बड़े मंचों पर परफॉर्म करने में सक्षम हैं। अब तक इस मैदान पर खेले दो मैचों में 249 रन बनाकर वह चौथे स्थान पर हैं। इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

5. गुंडप्पा विश्वनाथ – क्लास और कंट्रोल का उदाहरण
1971 से 1982 के बीच गुंडप्पा विश्वनाथ ने तीन टेस्ट मैचों में 241 रन बनाए। उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले और वह इंग्लैंड की स्विंगिंग परिस्थितियों में बेहद सहज दिखे। तकनीक, टाइमिंग और क्लास का ये बेहतरीन उदाहरण ओवल के इतिहास में दर्ज है।

निष्कर्ष:
ओवल हमेशा से भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायक रहा है। आज जब भारत और इंग्लैंड एक बार फिर इस मैदान पर आमने-सामने हैं, तो उम्मीद की जा रही है कि कोई नया हीरो इन दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हो। क्या विराट कोहली, शुभमन गिल या रोहित शर्मा इस बार कमाल दिखाएंगे? यह देखना बेहद रोचक होगा।
