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ये 10 क्रिकेटर जिन्होंने रिटायरमेंट वापस लेकर दुनिया को चौंका दिया—कुछ ने लौटकर रचा इतिहास!
क्रिकेट में रिटायरमेंट अब अंतिम फैसला नहीं रहा—जानें किन दिग्गजों ने दोबारा मैदान पर लौटकर टीमों के लिए बदला पूरा खेल।
क्रिकेटर का रिटायरमेंट उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा और भावनात्मक फैसला होता है। सालों की मेहनत, दबाव, चोटें, उम्मीदें और उतार-चढ़ाव के बाद जब कोई खिलाड़ी संन्यास लेता है, तो वह कदम बहुत सोच-समझकर उठाया जाता है। लेकिन आधुनिक क्रिकेट में एक नया ट्रेंड उभरकर आया—रिटायरमेंट वापस लेकर दोबारा मैदान पर लौटना।
कुछ खिलाड़ियों ने टीम की जरूरत पर वापसी की, कुछ ने व्यक्तिगत कारणों से अपना फैसला बदला, तो कुछ को लगा कि उनके अंदर अब भी क्रिकेट बाकी है। दिलचस्प बात यह है कि यह चलन आज का नहीं है—90 के दशक से लेकर आज तक कई दिग्गज संन्यास लेने के बाद वापस मैदान में लौटे और कुछ ने इतिहास भी रचा।
यहाँ जानिए ऐसे 10 क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने रिटायरमेंट वापस लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया:
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जवागल श्रीनाथ — कप्तान के कहने पर वापस लौटे
भारत के दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ जवागल श्रीनाथ ने 2002 में रिटायरमेंट की योजना बना ली थी। लेकिन टीम को उनकी जरूरत थी।
तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने खुद उनसे बात की और 2003 वर्ल्ड कप के लिए उनकी वापसी का आग्रह किया। श्रीनाथ माने… और बाकी इतिहास है।
उनकी मौजूदगी भारत के फाइनल तक पहुँचने की बड़ी वजह बनी।
भानुका राजपक्षे — भावनाओं में लिया फैसला, फिर वापस
श्रीलंकाई बल्लेबाज़ भानुका राजपक्षे ने सिर्फ 30 साल की उम्र में 2022 में चौंकाने वाला रिटायरमेंट ले लिया। परिवारिक कारण बताए गए, लेकिन टीम और फैंस दोनों हैरान थे।
बात तब बदल गई जब श्रीलंका के स्पोर्ट्स मिनिस्टर ने हस्तक्षेप किया। बातचीत के बाद भानुका ने रिटायरमेंट वापस लिया और सफ़ेद-गेंद क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत की।

तमीम इक़बाल — प्रधानमंत्री के कहने पर बदला फैसला
तमीम इक़बाल का 2023 में रिटायरमेंट लेना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बड़ा झटका था। वे भावुक होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिटायर हुए।
लेकिन अगले ही दिन बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उनसे मुलाकात की और उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया। हालांकि वापसी के बाद वे अभी तक बांग्लादेश की ओर से नहीं खेले—जिससे मामला आज भी चर्चा में है।

इमरान खान — रिटायरमेंट से लौटकर दिलाया वर्ल्ड कप
क्रिकेट इतिहास की सबसे iconics वापसियों में से एक—
इमरान खान।
1987 में रिटायर हुए, लेकिन 1992 वर्ल्ड कप के लिए उन पर PCB और फैंस का दबाव बढ़ा। इमरान लौटे, कप्तान बने, और पाकिस्तान को उनका पहला वर्ल्ड कप दिलाया।
यह वापसी शायद खेल इतिहास की सबसे बड़ी वापसी मानी जाती है।

शाहिद अफरीदी — सबसे अनिश्चित रिटायरमेंट घोषणाएँ
“रिटायर हुआ या नहीं?”—फैंस अक्सर यही पूछते रहे।
शाहिद अफरीदी ने कई बार रिटायरमेंट लिया—2006, 2011, 2014, 2017…
वापसी भी उतनी ही बार की।
अफरीदी की explosive बैटिंग और उपयोगी लेग-स्पिन के अलावा, उनके रिटायरमेंट विवाद भी खूब सुर्खियों में रहे।

जावेद मियांदाद — 39 की उम्र में तीन साल बाद वापसी
जावेद मियांदाद ने 1993 में संन्यास लिया। लेकिन 1996 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को अनुभव की जरूरत थी।
39 की उम्र में वे टीम में लौटे और कई मैच खेले।
उनकी वापसी के साथ वे छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

केविन पीटरसन — England को जरूरत पड़ी, तो लौटे
इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज़ केविन पीटरसन ने 2011 में सीमित ओवरों से रिटायरमेंट लिया। लेकिन इंग्लैंड के सफेद-गेंद क्रिकेट में बदलाव चल रहा था और टीम को उनकी जरूरत पड़ी।
कुछ ही महीनों में KP वापस लौट आए—हालांकि 2014 के बाद उन्हें दोबारा नहीं खिलाया गया।

ब्रेंडन टेलर — कोलपैक डील के बाद दोबारा ज़िम्बाब्वे लौटे
ज़िम्बाब्वे के दिग्गज ब्रेंडन टेलर ने 2015 में इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़कर इंग्लैंड में कोलपैक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।
लेकिन 2017 में उन्होंने वापसी की और 2021 तक ज़िम्बाब्वे के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ बने रहे।
2025 में बैन खत्म होने के बाद वे एक और वापसी की इच्छा रखते हैं।

मोहम्मद आमिर — विवादों के बावजूद मैदान पर लौटे
मोहम्मद आमिर ने 2020 में मैनेजमेंट विवाद के कारण संन्यास ले लिया था।
लेकिन 2024 में वे फिर लौटे और T20Is खेले।
उनकी स्विंग और नई गेंद पर महारत ने पाकिस्तान को फिर मजबूती दी।

क्विंटन डी कॉक — कोई संकेत नहीं, पर लौटे और शतक भी जड़े
दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक ने 2023 वर्ल्ड कप के बाद ODIs छोड़े और 2024 T20 WC के बाद सभी फ़ॉर्मेट छोड़ दिए।
लेकिन अचानक 2025 में उन्होंने पाकिस्तान टूर के लिए वापसी का फैसला किया—और आते ही 2 शतक व 2 अर्धशतक ठोककर दिखा दिया कि क्लास कभी खत्म नहीं होता।

क्या रिटायरमेंट अब अंतिम फैसला नहीं रहा?
लगा था कि रिटायरमेंट मतलब करियर का अंत।
लेकिन इन 10 खिलाड़ियों ने बता दिया—
अगर जुनून बाकी हो, तो वापसी हमेशा संभव है।
इनकी कहानियाँ युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करती हैं कि कभी भी ‘कभी नहीं’ न कहें।

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