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टेस्ला से छिना EV ताज: 2025 में चीन की BYD बनी दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी
एलन मस्क की टेस्ला की बिक्री उम्मीद से कम रही, BYD ने रिकॉर्ड डिलीवरी के साथ बढ़त बनाई
दुनिया की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रेस में 2025 का साल बड़ा उलटफेर लेकर आया। अमेरिकी दिग्गज Tesla को वार्षिक बिक्री के मामले में शीर्ष स्थान से हाथ धोना पड़ा है, जबकि चीन की ऑटो दिग्गज BYD ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए EV बाजार का ताज अपने नाम कर लिया।
जनवरी 2026 की शुरुआत में जारी आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ला ने 2025 की चौथी तिमाही में 4,18,227 इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी की। इसके साथ ही पूरे साल में टेस्ला की कुल बिक्री करीब 16.4 लाख EVs पर आकर रुक गई। बाजार को इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी—विशेषज्ञों का अनुमान था कि चौथी तिमाही में डिलीवरी 4.49 लाख के आसपास रहेगी।
BYD की रिकॉर्ड छलांग
इसके ठीक एक दिन पहले BYD ने खुलासा किया कि उसने 2025 में 22.6 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ टेस्ला से कहीं आगे है, बल्कि चीन की EV इंडस्ट्री की तेजी को भी दिखाता है। शेनझेन स्थित BYD ने पिछले साल EV के साथ-साथ हाइब्रिड गाड़ियों की बिक्री में भी मजबूती दिखाई, जिसने कंपनी की कुल पकड़ और मजबूत कर दी।

टेस्ला की रफ्तार क्यों पड़ी धीमी?
विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका में EV मांग को संतुलन तक पहुंचने में अभी वक्त लगेगा। सितंबर 2025 के अंत में $7,500 के अमेरिकी टैक्स क्रेडिट के खत्म होने से भी ग्राहकों की खरीद पर असर पड़ा।
इसके अलावा, टेस्ला को कुछ प्रमुख बाजारों में राजनीतिक कारणों से भी झटका लगा। कंपनी के CEO Elon Musk के कुछ राजनीतिक बयानों और Donald Trump समेत दक्षिणपंथी नेताओं के समर्थन को लेकर सोशल मीडिया और उपभोक्ता हलकों में बहस छिड़ी, जिसका असर ब्रांड इमेज और बिक्री पर पड़ा।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने बढ़ाया दबाव
टेस्ला को अब सिर्फ BYD से ही नहीं, बल्कि अन्य चीनी कंपनियों और यूरोपीय ऑटो दिग्गजों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। BYD की आक्रामक कीमतें, व्यापक मॉडल रेंज और स्थानीय सप्लाई चेन का फायदा उसे वैश्विक बाजार में तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
आगे की राह
EV इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि 2026 टेस्ला के लिए रणनीति सुधारने का साल हो सकता है—चाहे वह कीमतों में बदलाव हो, नए मॉडल्स हों या चार्जिंग इकोसिस्टम का विस्तार। वहीं BYD के लिए चुनौती यह होगी कि वह इस बढ़त को बनाए रखते हुए वैश्विक विस्तार में गुणवत्ता और भरोसे को कायम रखे।
एक बात तय है—EV की वैश्विक जंग अब और दिलचस्प हो गई है, और आने वाले महीनों में यह मुकाबला तकनीक, कीमत और भरोसे—तीनों मोर्चों पर और तेज़ होगा।
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