मतदाता सूची पुनरीक्षण की जल्दबाज़ी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खड़े किए सवाल कहा—यह लोकतांत्रिक अधिकारों और आरक्षण पर सीधा प्रहार है।
चुनाव आयोग ने कहा— अंतिम मतदाता सूची को और सटीक बनाने के लिए जरूरी था यह विस्तार
2025 से 2034 के बीच भारत में होने वाले 4 बड़े फैसले—SIR वोटर लिस्ट संशोधन, राष्ट्रीय जनगणना 2027, एकसाथ चुनाव की तैयारी और नए सीमांकन से...
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा – "क्या यह पुनरीक्षण प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी और क्या यह वास्तविक वोटरों को प्रभावित नहीं करेगी?"