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Dharmendra की अस्थि विसर्जन के दौरान फूटा Sunny Deol का गुस्सा—कैमरा छीनकर बोले “पैसा चाहिए तो ले लो!” वीडियो वायरल
हरिद्वार में भावुक सनी देओल का सब्र टूटा—पिता की विदाई के बीच मीडिया की भीड़ से परेशान होकर भड़के अभिनेता
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने पूरे देओल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
24 नवंबर को मुंबई स्थित उनके घर पर अंतिम सांस लेने वाले धर्मेंद्र के लिए फिल्म इंडस्ट्री से लेकर देशभर के फैंस तक शोक व्यक्त कर रहे हैं।
लेकिन इस संवेदनशील समय में मीडिया का व्यवहार देओल परिवार के लिए कई बार परेशानी का कारण बना है।
पहले बीमार धर्मेंद्र की कवरेज को लेकर सनी देओल गुस्सा हुए थे, और अब
हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान फिर उनका सब्र टूट गया।
हरिद्वार में भावुक माहौल—और कैमरों की भीड़
धर्मेंद्र की अस्थियां बुधवार को हरिद्वार के गंगा घाट पर विसर्जित की गईं।
परिवार बेहद भावुक था, माहौल शांत और सम्मानपूर्ण रखा गया था।
लेकिन इसी दौरान कुछ मीडियाकर्मी बेहद करीब से शूट करने लगे, जिससे सनी देओल नाराज हो गए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि
सनी एक कैमरा पर्सन का कैमरा छीनते हुए कहते हैं:
“ऐसे मत करो… पैसा चाहिए तो ले लो!”
उनकी आवाज़ में दर्द और गुस्सा दोनों साफ झलक रहा था।
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क्यों नाराज हैं सनी देओल?
यह पहली बार नहीं है जब सनी देओल ने मीडिया के प्रति नाराजगी जताई हो।
कुछ दिनों पहले पिता की बीमारी के दौरान बिना अनुमति के रिकॉर्डिंग करने पर
सनी ने घर के बाहर आकर मीडिया को फटकार लगाई थी।
उनका कहना था कि
परिवार की निजी भावनाओं और मुश्किल समय का सम्मान किया जाना चाहिए।
फैंस का समर्थन—“मीडिया को भी संवेदनशील होना चाहिए”
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने सनी देओल का समर्थन किया।
कुछ प्रतिक्रियाएँ:
- “गुस्सा जायज़ है… पिता को खोने का दर्द कौन समझे?”
- “हर मौके का कंटेंट बनाने की कोशिश क्यों?”
- “मीडिया को भी मर्यादा रखनी चाहिए।”
कई लोगों ने कहा कि ऐसे पलों में कैमरे दूर रखने चाहिए,
क्योंकि परिवार पहले से ही शोक में होता है।
धर्मेंद्र की विदाई—एक युग का अंत
धर्मेंद्र, जिन्हें बॉलीवुड का ही-मैन, एक्शन किंग और लाखों दिलों का सुपरस्टार कहा जाता है,
ने छह दशकों से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा को अनगिनत यादगार किरदार दिए।
उनकी आखिरी विदाई का यह दृश्य
केवल देओल परिवार ही नहीं, पूरे देश के लिए भावुक था।
सनी देओल के लिए यह सिर्फ गुस्सा नहीं—एक व्यक्तिगत दर्द
जिस तरह उन्होंने कैमरा हटाते हुए कहा,
“पैसा चाहिए तो ले लो”,
वह उनके मन का उफान था—
एक बेटे का दुख, जो अपने पिता को अंतिम बार विदाई दे रहा था
और चाहता था कि यह पल निजी रहे।
