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Sunjay Kapur Will Dispute: “समीरा बेटी है, सफीरा नहीं”—मंधिरा कपूर** का बड़ा बयान, 30 हज़ार करोड़ की विरासत पर छिड़ा हाई-प्रोफाइल संग्राम**
संजय कपूर की विरासत को लेकर परिवार दो गुटों में बंट गया—मंधिरा कपूर ने लगाया “लाइनिएज मिटाने” का आरोप, जबकि प्रिया सचदेव कपूर वसीयत पर अड़ीं।
बॉलीवुड और बिज़नेस जगत इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल विरासत विवाद में उलझा हुआ है।
बिज़नेस टायकून और करिश्मा कपूर के पूर्व पति संजय कपूर की 30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर परिवार में बड़ा टकराव सामने आया है।
यह विवाद अक्टूबर से लगातार कोर्ट में सुनवाई के केंद्र में बना हुआ है, लेकिन हाल ही में मंधिरा कपूर के एक पॉडकास्ट बयान ने इस मामले को और भी गर्म कर दिया है।
“समीरा बेटी है, सफीरा नहीं”—मंधिरा कपूर का स्पष्ट बयान
मंधिरा कपूर ने आरोप लगाया कि संजय की कथित वसीयत में “सफीरा” को बेटी बताना गलत है।
उनके शब्दों में—
“Samaira is the daughter, not Safira. Safira is the stepdaughter.”
यहाँ “सफीरा” से उनका मतलब सफीरा चटवाल से है, जो विक्रम चटवाल और प्रिया सचदेव कपूर की बेटी हैं।
तलाक के बाद प्रिया ने 2017 में संजय कपूर से शादी की।
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मंधिरा ने आरोप लगाया कि—
“मेरे भाई की रक्त-संतान को हटाकर ‘लाइनिएज’ फिर से लिखा जा रहा है।”

वसीयत में गलतियां—नाम गलत, पता गलत…
मंधिरा ने कई चीजों पर सवाल उठाए:
- कियान राज कपूर का नाम गलत लिखा गया
- समीरा कपूर का एड्रेस गलत
- कई जगह गलत सर्वनाम
- सफीरा को “legal daughter” बताया गया
उन्होंने कहा—
“These are not mistakes; these are giveaways.”
वसीयत में किन-किन को नामित किया गया है?
कोर्ट में प्रिया द्वारा पेश वसीयत में केवल तीन नाम हैं—
- प्रिया सचदेव कपूर
- अज़ारियस कपूर (प्रिया–संजय का बेटा)
- सफीरा चटवाल
संजय और करिश्मा कपूर के बच्चे—
को इसमें शामिल नहीं किया गया।
यही वजह है कि दोनों बच्चों ने कोर्ट में केस दर्ज किया है कि यह वसीयत “forged” है।
महेश जेठमलानी का आरोप—“वसीयत फर्जी है”
बच्चों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कोर्ट में दावा किया—
- वसीयत “संदिग्ध” है
- भाषा अस्वाभाविक और अप्राकृतिक
- संजय की मां रानी कपूर को पूरी तरह किनारे कर दिया गया
- दस्तावेज़ से “केवल प्रिया कपूर को फ़ायदा”
उन्होंने यह भी बताया कि दस्तावेज़ में कई जगह संजय को “she” कहा गया है—जो बेहद असामान्य है
प्रिया कपूर की सफाई—“इतनी गलतियां फर्जी वसीयत में नहीं होतीं”
प्रिया कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने कहा कि—

- अगर वसीयत forged होती, तो इसमें इतनी गलतियां नहीं होतीं
- किसी ने signature पर आपत्ति नहीं उठाई
- यह सिर्फ एक “पारिवारिक संघर्ष” है
उनके अनुसार आरोप भावनात्मक प्रतिक्रिया मात्र हैं।
कानूनी लड़ाई का अगला चरण—16 दिसंबर को अहम सुनवाई
17 नवंबर की सुनवाई के बाद कोर्ट के जॉइंट रजिस्ट्रार गगनदीप जिंदल ने:
- प्रिया कपूर
- और वसीयत की एक्ज़ीक्यूटर श्रद्धा सूरी मारवाह
को नोटिस भेजा है और तीन हफ्ते में जवाब मांगने को कहा है।
अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी—जहाँ यह विवाद निर्णायक मोड़ ले सकता है।
विरासत से बड़ा है परिवार की टूटन का दर्द
30,000 करोड़ की दौलत से बड़ा दर्द है—
- बच्चों का अपने पिता की पहचान खोने का डर
- मां रानी कपूर को दस्तावेज़ से बाहर करने का आरोप
- और बहन मंधिरा कपूर का भाई के “bloodline” की लड़ाई लड़ना
इस पूरे मामले में सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि टूटते परिवार की टीस भी साफ दिख रही है।
