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स्मृति मंधाना ने तोड़ा विराट कोहली का सबसे तेज़ शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धमाकेदार पारी
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में स्मृति मंधाना ने 50 गेंदों में शतक लगाकर विराट कोहली का ऑल-टाइम रिकॉर्ड तोड़ा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने शनिवार को इतिहास रच दिया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में उन्होंने महज 50 गेंदों में शतक ठोक दिया। इस शतक के साथ उन्होंने भारतीय पुरुष टीम के महान बल्लेबाज विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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गौरतलब है कि विराट कोहली ने 2013 में जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52 गेंदों में शतक जड़ा था। अब मंधाना ने इसे पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले मंधाना के नाम 70 गेंदों में सबसे तेज़ भारतीय महिला शतक का रिकॉर्ड था, जिसे उन्होंने इस पारी में और बेहतर कर दिया।
स्मृति मंधाना की ऐतिहासिक पारी
मंधाना की यह पारी न सिर्फ रिकॉर्डतोड़ रही, बल्कि इसने भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में भी उम्मीदें दीं। उनके साथ हरमनप्रीत कौर ने भी शानदार बल्लेबाज़ी की। 20 ओवरों में भारत का स्कोर 204/2 रहा, जो दिखाता है कि टीम पूरी मजबूती के साथ 413 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी।

ऑस्ट्रेलिया की तूफानी बल्लेबाज़ी
मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। कप्तान एलिसा हीली ने 30 रनों की तेज पारी खेली और पारी की नींव रखी। इसके बाद जॉर्जिया वोल ने 81 और एलिसे पेरी ने 68 रन बनाए। लेकिन असली धमाका किया बेथ मूनी ने, जिन्होंने 138 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों की कमर तोड़ दी।
मूनी की इस पारी में 23 चौके और 1 छक्का शामिल था। यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में भारत के खिलाफ महिला वनडे में अपना सर्वाधिक स्कोर (412 रन) भी बना दिया।
भारत की चुनौतियां और उम्मीदें
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन इस मैच में बेहद फीका रहा। कैच छोड़ना और फील्डिंग में चूक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को और खुलकर खेलने का मौका दिया। हालांकि भारत ने आखिरकार सभी 10 विकेट झटके, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
इसके बावजूद मंधाना की शतकीय पारी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और यह साबित किया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब किसी भी परिस्थिति में मुकाबला करने का माद्दा रखती है। उनकी यह पारी आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
निष्कर्ष
स्मृति मंधाना ने यह दिखा दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट अब सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि नए कीर्तिमान गढ़ने के लिए मैदान पर उतर रही है। विराट कोहली जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर का स्वर्णिम पल है। आने वाले समय में क्रिकेट फैंस मंधाना से और भी ऐसे धमाकेदार प्रदर्शनों की उम्मीद करेंगे।

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