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Sarfaraz Khan की बल्लेबाज़ी का शोर तेज, अब Gautam Gambhir और Ajit Agarkar के पास बहाने खत्म

Domestic cricket में रन बरसाते Sarfaraz Khan ने फिर खड़े किए चयन के सवाल, अब भी नज़रअंदाज़ हुए तो जवाब देना होगा मुश्किल

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Domestic cricket में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते Sarfaraz Khan, जिनकी अनदेखी पर फिर उठे सवाल।
Domestic cricket में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते Sarfaraz Khan, जिनकी अनदेखी पर फिर उठे सवाल।

अब कोई सहानुभूति की कहानी नहीं, कोई ‘काश ऐसा होता’ वाला तर्क नहीं। Sarfaraz Khan ने आखिरकार अपनी कहानी खुद अपने बल्ले से लिखनी शुरू कर दी है। 28 साल के इस Mumbai बल्लेबाज़ की पारियां अब इतनी तेज़ आवाज़ में बोल रही हैं कि Team India के decision-makers चाहकर भी अनसुना नहीं कर सकते। सवाल बस यही है—अगर अब नहीं, तो फिर कब?

Sarfaraz का सफर आसान नहीं रहा। 2014 में Ranji Trophy debut के बाद से ही उन्हें future star माना जाने लगा था, लेकिन Test cap पहनने में पूरे 10 साल लग गए। वह भी तब, जब England के खिलाफ सीरीज़ में Shreyas Iyer के injured होने के बाद उन्हें replacement के तौर पर मौका मिला।

Rajkot में Test debut के दौरान क्रिकेट से ज्यादा चर्चा उनके वजन को लेकर हुई। इसी दौर में पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar खुलकर Sarfaraz के समर्थन में आए और कहा कि क्रिकेट models नहीं, game-fit खिलाड़ी मांगता है।

आठ महीने बाद Sarfaraz ने बल्ले से जवाब दिया। Bengaluru की तेज़ और उछाल भरी पिच पर उन्होंने New Zealand के खिलाफ दूसरी पारी में 279 गेंदों पर 150 रन ठोक दिए। India मैच भले हार गई, लेकिन Sarfaraz ने यह साबित कर दिया कि वह pace और spin—दोनों के खिलाफ खेल जानते हैं।

इसके बाद Pune और Mumbai की spin-friendly pitches पर Sarfaraz से भी चूक हुई। फर्क बस इतना था कि जहां Virat Kohli, Rohit Sharma और Shubman Gill जैसे बड़े नामों को और मौके मिले, वहीं Sarfaraz पर ही गाज गिर गई। Head coach Gautam Gambhir के नेतृत्व में team management ने उन्हें sidelined कर दिया।

Border-Gavaskar Trophy में Australia के खिलाफ करारी हार के बाद dressing-room leaks की खबरें आईं। अंदरखाने कुछ लोगों ने Sarfaraz पर भी उंगली उठाई, लेकिन इन दावों की कभी पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद Australia series के तुरंत बाद Sarfaraz Test squad से बाहर हो गए और तब से वापसी नहीं हो पाई।

Sarfaraz की वापसी, वो भी धमाके के साथ

जब India West Indies और South Africa के खिलाफ खेल रही थी, Sarfaraz Ranji Trophy में जूझते दिखे। पांच मैचों में सिर्फ 188 रन—यह आंकड़ा उनके स्तर के मुताबिक नहीं था। लेकिन 2025 के आखिरी दो महीनों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

Syed Mushtaq Ali Trophy में Sarfaraz ने Mumbai के लिए रन बरसाए। सात मैचों में 329 रन, strike rate 203 से ऊपर और average 65 से ज्यादा। इसी प्रदर्शन का नतीजा रहा कि Chennai Super Kings ने IPL auction में उन्हें 75 लाख रुपये में खरीदा।

वजन को लेकर troll होने वाले Sarfaraz ने fitness पर भी काम किया और खुद को बेहतरीन shape में ला खड़ा किया।

अब Vijay Hazare Trophy 2025-26 में उनका बल्ला और भी तेज़ चल रहा है। Punjab के खिलाफ सिर्फ 15 गेंदों में half-century—List-A cricket में किसी Indian का सबसे तेज़ अर्धशतक। इस पारी में उन्होंने Abhishek Sharma के एक over में 30 रन ठोक दिए।

Domestic cricket में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते Sarfaraz Khan, जिनकी अनदेखी पर फिर उठे सवाल।


Records बताते हैं कि यह List-A इतिहास का चौथा fastest fifty है। फिलहाल Sarfaraz Mumbai के leading run-getter हैं—छह innings में 303 रन, average 75.75 और strike rate 190 से ऊपर, जिसमें Goa के खिलाफ 157 रन की पारी भी शामिल है।

अब सवाल चयनकर्ताओं से

BCCI selection committee के chairman Ajit Agarkar के नेतृत्व में हाल के महीनों में कई चौंकाने वाले फैसले हुए हैं। White-ball specialists को Test debut मिला, लेकिन Sarfaraz जैसे red-ball बल्लेबाज़ को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया।

दिलचस्प बात यह है कि अब Sarfaraz white-ball cricket में भी रन बना रहे हैं—वो भी रिकॉर्ड तोड़ अंदाज़ में। ऐसे में अगर अब भी उनके लिए Team India के दरवाज़े नहीं खुलते, तो यह उनके लिए नहीं, बल्कि Indian Test cricket के लिए नुकसान होगा।

IPL 2020 के बाद Gautam Gambhir ने कहा था—अगर Rohit Sharma India captain नहीं बनते, तो यह Rohit का नहीं, India का नुकसान होगा। पांच साल बाद वही बात Sarfaraz Khan पर भी लागू होती है। अगर इतनी ज़ोरदार form के बाद भी उन्हें Playing XI में जगह नहीं मिलती, तो यह Sarfaraz की हार नहीं होगी—बल्कि उस टीम की होगी, जो अभी Test cricket में खुद से जूझ रही है।