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‘Leo में मुझे बर्बाद कर दिया’ The Bhootnii स्टार Sanjay Dutt का थलापति विजय पर बेबाक बयान

संजय दत्त ने पहली बार खोले Leo के अनुभव, बोले— दमदार किरदार की थी उम्मीद, लेकिन कहानी ने निराश किया

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Leo फिल्म को लेकर संजय दत्त का बेबाक बयान, बोले— उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा किरदार
Leo फिल्म को लेकर संजय दत्त का बेबाक बयान, बोले— उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा किरदार

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म Leo को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है।

एक इंटरव्यू के दौरान संजय दत्त ने साफ शब्दों में कहा कि Leo में उनके किरदार का सही इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “मैं इस फिल्म से बहुत उम्मीदें लेकर गया था, लेकिन अंत में लगा कि मुझे पूरी तरह वेस्ट कर दिया गया।”

क्या बोले संजय दत्त?

संजय दत्त ने बताया कि जब उन्हें Leo ऑफर हुई थी, तब स्क्रिप्ट सुनकर उन्हें लगा था कि यह किरदार उनके करियर का एक यादगार मोड़ साबित हो सकता है। लेकिन शूटिंग और एडिट के बाद स्क्रीन पर जो दिखा, उसने उन्हें निराश किया।

उनका कहना था कि फिल्म का फोकस पूरी तरह थलापति विजय के इर्द-गिर्द रहा और बाकी किरदारों को कहानी में गहराई से उभरने का मौका नहीं मिला। “मेरे पास करने के लिए बहुत कम था, जबकि संभावनाएं बहुत ज्यादा थीं,” उन्होंने कहा।

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थलापति विजय के साथ काम करने का अनुभव

हालांकि, संजय दत्त ने यह भी साफ किया कि उनका यह बयान किसी व्यक्तिगत नाराजगी से नहीं है। उन्होंने थलापति विजय की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद प्रोफेशनल और जमीन से जुड़े कलाकार हैं।

संजय के मुताबिक, “विजय के साथ काम करना अच्छा अनुभव था। वह अपने को-स्टार्स का सम्मान करते हैं, लेकिन फिल्म की संरचना ऐसी थी कि कई किरदार दबकर रह गए।”

Leo फिल्म को लेकर संजय दत्त का बेबाक बयान, बोले— उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा किरदार


साउथ सिनेमा में बॉलीवुड एक्टर्स का इस्तेमाल

यह बयान एक बड़े मुद्दे की तरफ इशारा करता है— साउथ फिल्मों में बॉलीवुड कलाकारों को अक्सर दमदार एंट्री तो मिलती है, लेकिन उनका किरदार कहानी में पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। इससे पहले भी कई हिंदी अभिनेता इस तरह की शिकायतें कर चुके हैं।

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि पैन-इंडिया फिल्मों में स्टार पावर के दबाव में स्क्रिप्ट का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे सपोर्टिंग कलाकारों की भूमिका सीमित हो जाती है।

आगे क्या?

इन दिनों संजय दत्त अपनी आने वाली हॉरर-थ्रिलर The Bhootnii को लेकर चर्चा में हैं, जहां वह एक बिल्कुल अलग अवतार में नजर आएंगे। फैंस को उम्मीद है कि इस बार उन्हें एक ऐसा किरदार देखने को मिलेगा, जो पूरी तरह न्याय के साथ पर्दे पर उतरेगा।

संजय दत्त का यह बयान भले ही Leo के लिए असहज करने वाला हो, लेकिन यह सिनेमा में रचनात्मक संतुलन और कलाकारों के सही उपयोग पर एक जरूरी बहस जरूर छेड़ देता है।

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