Connect with us

India

संभल में प्रशासन ने गिराई मस्जिद, मीनार पर चला बुलडोजर – सोशल मीडिया पर वायरल हुआ CO का बयान

चंदौसी में अवैध निर्माण के चलते प्रशासन ने रजा-ए-मुस्तफा मस्जिद को गिराया, SDM बोले – “मस्जिद कमेटी के सहयोग से कार्रवाई हुई, सबकुछ शांतिपूर्ण रहा”

Published

on

संभल में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर बोले SDM – मस्जिद कमेटी के सहयोग से हुई कार्रवाई
चंदौसी में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मस्जिद की मीनार को गिराते वक्त मौजूद पुलिस बल और अधिकारी

संभल, उत्तर प्रदेश – चंदौसी इलाके से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आई है जहां प्रशासन ने रजा-ए-मुस्तफा नामक एक मस्जिद को गिरा दिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सबसे अहम बात यह रही कि मस्जिद को गिराने की यह कार्रवाई मस्जिद कमेटी के सहयोग से हुई, जिससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।

इस पूरे मामले पर SDM विनय मिश्रा ने स्पष्ट किया कि “मस्जिद के बचे हुए हिस्सों को भी हटाया जा रहा है और यह प्रक्रिया मस्जिद कमेटी की सहमति और सहयोग से ही पूरी की गई है। किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई है और कार्यवाही पूरी सावधानी के साथ की गई थी।”

सूत्रों के अनुसार, मस्जिद की 40 फीट ऊंची मीनार को हाइड्रा मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया। यह अवैध निर्माण की श्रेणी में आता था। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिस बल, अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। CO अनुज चौधरी, SDM और अन्य अधिकारियों की निगरानी में यह पूरा ऑपरेशन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

Daily Global Diary 50


संभल, जो कि एक संवेदनशील जिला माना जाता है, वहां इस तरह की कार्रवाई का शांतिपूर्ण तरीके से होना प्रशासन की बड़ी सफलता मानी जा रही है। प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यदि सभी पक्ष सहयोग करें तो कानून सम्मत कार्यवाही में कोई विघ्न नहीं आएगा।

इस बीच CO अनुज चौधरी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं। मोहर्रम से पहले उन्होंने ताजिया को लेकर बयान जारी किया है कि “ताजिया 10 फीट से अधिक ऊंचा नहीं होना चाहिए और इसके लिए शासन की स्पष्ट गाइडलाइन है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि “न तो कोई पेड़ काटा जाएगा और न ही बिजली की तार हटाई जाएगी।”

CO अनुज चौधरी, जो इससे पहले भी अपने सख्त और स्पष्ट बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं, एक बार फिर सोशल मीडिया यूज़र्स के बीच सुर्खियों में आ गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन अब अवैध निर्माण और संवेदनशील विषयों पर सख्त और पारदर्शी रुख अपनाने की नीति पर चल रहा है, जिसमें संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *