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चीन में ‘प्रोपेगेंडा’ कहा गया Battle of Galwan salman khan का 2017 वाला बयान फिर चर्चा में
गैलवान घाटी पर बनी सलमान खान की नई फिल्म के टीज़र पर चीनी मीडिया की आपत्ति के बीच ट्यूबलाइट प्रमोशन के दौरान युद्ध पर कही उनकी बातें फिर याद की जा रही हैं
सलमान खान की आने वाली फिल्म Battle of Galwan का टीज़र रिलीज़ होते ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। 2020 में लद्दाख की गैलवान घाटी में हुए भारत-चीन संघर्ष पर आधारित इस फिल्म को लेकर चीन के सरकारी अख़बार Global Times ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “सिनेमैटिक प्रोपेगेंडा” करार दिया है।
चीनी मीडिया का आरोप है कि फिल्म का टीज़र तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है और भावनात्मक उभार के ज़रिए इतिहास को बदलने की कोशिश करता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कोई भी फिल्म People’s Liberation Army के संकल्प या संप्रभुता पर असर नहीं डाल सकती।
दरअसल, Galwan Valley में जून 2020 में हुए संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर Bikkumalla Santosh Babu को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। बताया जा रहा है कि सलमान खान का किरदार इसी बहादुर अधिकारी से प्रेरित है।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सलमान खान किसी भारत-चीन पृष्ठभूमि वाली कहानी का हिस्सा बने हों। 2017 में आई Tubelight, जिसे Kabir Khan ने निर्देशित किया था, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौर में सेट थी। उस फिल्म के प्रमोशन के दौरान सलमान खान ने युद्ध को लेकर बेहद स्पष्ट और मानवीय सोच रखी थी।

सलमान ने तब कहा था कि कोई भी व्यक्ति युद्ध को अच्छा नहीं मानता। उनके शब्दों में, “युद्ध एक नकारात्मक भावना है, इसे बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।” उन्होंने यहां तक कहा था कि जो लोग युद्ध का आदेश देते हैं, उन्हें सबसे पहले मोर्चे पर भेजना चाहिए—ताकि उन्हें युद्ध की कीमत का एहसास हो सके।
सलमान का यह बयान आज इसलिए फिर चर्चा में है, क्योंकि Battle of Galwan को लेकर भावनाएं दोनों देशों में तेज़ हैं। 2017 में जहां उनकी फिल्म चीन में रिलीज़ हुई थी और उसमें चीनी अभिनेत्री Zhu Zhu भी नजर आई थीं, वहीं 2020 के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी ने माहौल बदल दिया है।
फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि मौजूदा विवाद आश्चर्यजनक नहीं है। Battle of Galwan 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है और इसमें Chitrangada Singh भी अहम भूमिका में हैं। टीज़र को यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज़ मिल चुके हैं, जो दर्शाता है कि भारत में फिल्म को लेकर उत्सुकता काफी ज़्यादा है।
एक ओर चीनी मीडिया की आलोचना है, दूसरी ओर सलमान खान का पुराना शांति संदेश—इन दोनों के बीच यह बहस बताती है कि सिनेमा सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास, राजनीति और भावनाओं का आईना भी बन जाता है।
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