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“Donald Trump का असली चेहरा आ गया सामने” — रूस ने अमेरिका-इज़राइल के ईरान हमले पर कसा तीखा तंज

मेदवेदेव बोले — ईरान से बातचीत कभी सच्ची थी ही नहीं। खामेनेई तेहरान में नहीं, सुरक्षित ठिकाने पर। अबू धाबी, कुवैत और दोहा तक पहुंची जंग की आंच।

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रूस का ट्रंप पर तंज — "असली चेहरा आया सामने", ईरान हमले पर मेदवेदेव का बड़ा बयान | Dainik Diary
रूस के पूर्व राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने Telegram पर ट्रंप पर तीखा हमला बोला — कहा, ईरान से बातचीत कभी सच्ची थी ही नहीं।

जब अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोला, तो दुनिया के बाकी देश भी चुप नहीं रहे। सबसे तीखी और सबसे पहली प्रतिक्रिया आई रूस से — और वो भी किसी आम नेता की नहीं, बल्कि रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दमित्री मेदवेदेव की।

मेदवेदेव ने Telegram पर लिखा — “ट्रंप का असली चेहरा सामने आ गया है। ईरान से बातचीत में कभी किसी की दिलचस्पी थी ही नहीं।”

बस एक लाइन — लेकिन इसमें छुपा था अमेरिकी कूटनीति पर सीधा हमला।

खामेनेई तेहरान में नहीं थे — बड़ा खुलासा

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली खबर यह रही कि इज़राइली हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास हुए — लेकिन 86 साल के खामेनेई उस वक्त तेहरान में थे ही नहीं। Reuters के मुताबिक उन्हें पहले ही किसी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिया गया था।

और भी पढ़ें : ईरान की आक्रामक कार्रवाई पर सऊदी अरब भड़का, खाड़ी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

यह कुछ वैसा ही है जैसे किसी देश का सबसे बड़ा नेता युद्ध शुरू होने से पहले ही राजधानी छोड़ दे — यह बताता है कि हमले की आशंका पहले से थी और तैयारी पहले से हो चुकी थी।

जंग की आंच अब सिर्फ ईरान-इज़राइल तक नहीं

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक इस संघर्ष की लपटें अब सिर्फ तेहरान और तेल अवीव तक सीमित नहीं रहीं। अबू धाबी, कुवैत और दोहा तक धमाकों की खबरें आईं। यानी पूरा खाड़ी क्षेत्र इस युद्ध की चपेट में आता जा रहा है।

सोचिए — जो देश तेल की सप्लाई के लिए जाने जाते हैं, जहां से दुनिया की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा चलता है, वहां अगर अस्थिरता आई तो इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा। पेट्रोल के दाम से लेकर खाने-पीने की चीज़ों तक — सब कुछ प्रभावित हो सकता है।

रूस का ट्रंप पर तंज — "असली चेहरा आया सामने", ईरान हमले पर मेदवेदेव का बड़ा बयान | Dainik Diary


पुतिन की मुश्किल — दोस्त मुसीबत में, चुप रहें या बोलें?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए यह स्थिति बेहद पेचीदा है। ईरान रूस का करीबी साझेदार है। यूक्रेन युद्ध में ईरान ने रूस को ड्रोन और मिसाइलें दी हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक नया हथियार समझौता भी हुआ है जिसमें ईरान को हज़ारों उन्नत मिसाइलें मिलनी थीं।

अब जब ईरान पर हमला हो रहा है, पुतिन न तो खुलकर अमेरिका के साथ जा सकते हैं, न ही ईरान को अकेला छोड़ सकते हैं। यह वही मुश्किल है जो शतरंज में तब आती है जब हर चाल में नुकसान हो।

ट्रंप का एलान — यह नई लड़ाई का आगाज़ है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिकी सेना ने एक नए सैन्य अभियान में कदम रख दिया है। उन्होंने ईरान को दुनिया का “नंबर एक आतंकवाद समर्थक देश” करार दिया और कहा कि 47 सालों की दुश्मनी का जवाब देने का वक्त आ गया है।

एक तरफ ट्रंप का यह आक्रामक रुख, दूसरी तरफ रूस की तीखी आलोचना — और बीच में झुलसता मध्य-पूर्व। यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रही, यह दुनिया की नई भू-राजनीति का चेहरा है।