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ODI विकेटकीपर की बहस में Rishabh Pant फिर उलझे, Vijay Hazare Trophy की नाकामी से बढ़ी मुश्किल
Saurashtra के खिलाफ बड़े chase में 22 रन पर आउट हुए Rishabh Pant, selection season में बढ़ा दबाव
India की ODI team में wicketkeeper-batter की जगह को लेकर बहस पहले से ही तेज है, और Rishabh Pant का ताज़ा प्रदर्शन इस debate को शांत करने के बजाय और हवा देता नजर आया है। Vijay Hazare Trophy में Delhi के लिए खेलते हुए Pant एक ऐसे मौके पर फेल हुए, जब उनसे stability और control की सबसे ज्यादा जरूरत थी।
Bengaluru में Saurashtra cricket team के खिलाफ 321 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए Delhi के captain और wicketkeeper Rishabh Pant 26 गेंदों में सिर्फ 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। Scorecard पर यह एक साधारण dismissal लग सकता है, लेकिन selection के संदर्भ में इसका वजन कहीं ज्यादा है।

ODI selection के लिहाज से गलत timing
Pant का यह innings ऐसे समय आया है, जब उनके ODI future को लेकर already सवाल उठ रहे हैं। Vijay Hazare Trophy में उनका हर appearance एक तरह से audition बन चुका है, और ऐसे माहौल में यह failure नजरों से छुप नहीं सकता।
Delhi को इस chase में Pant से उम्मीद थी कि वह innings को संभालेंगे, pressure absorb करेंगे और फिर सही समय पर acceleration देंगे। लेकिन वह innings सेट होने से पहले ही आउट हो गए। यह ऐसा knock है जो न तो form साबित करता है और न ही selectors के लिए कोई मजबूत case बनाता है।
Wicketkeeper होना अब advantage नहीं
India की मौजूदा ODI ecosystem में wicketkeeper-batter होना अब extra edge नहीं रहा, बल्कि minimum requirement बन चुका है। Selection सिर्फ keeping skills पर नहीं, बल्कि role clarity, spin के खिलाफ comfort और innings finish करने की ability पर टिकती है।
इसी वजह से wicketkeeper slot की race और भी tough हो गई है। KL Rahul लंबे समय से ODI setup में established नाम रहे हैं, जबकि domestic cricket में दूसरे contenders लगातार performances के जरिए इस debate को alive रखे हुए हैं।
Recent reminder, लेकिन consistency सवाल
Pant के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि उनका best version पूरी तरह गायब नहीं हुआ है। इसी tournament में तीन दिन पहले उन्होंने Gujarat के खिलाफ 70 रन की अहम पारी खेली थी, जिसमें Virat Kohli की 77 रन की पारी के बाद innings को control में रखने का काम Pant ने किया था।

लेकिन यही core issue है। ODI selection के लिहाज से ऐसे knocks exception नहीं, pattern बनने चाहिए। Pant को दिखाना होगा कि 50-over cricket में उनका rhythm लौट चुका है।
Runs से ज्यादा signal की जरूरत
Rishabh Pant के लिए pressure सिर्फ runs का नहीं है। असली challenge यह signal देने का है कि वह ODI cricket में reliability ला सकते हैं। Selectors को यह confidence चाहिए कि big chases और tricky situations में Pant team को end तक ले जा सकते हैं।
क्योंकि wicketkeeper की race में जब तीन नाम serious claim रखते हों, तो 321 के chase में आया एक 22-run knock score से कहीं बड़ा महसूस होता है। Selection season में ऐसे moments ही narrative तय करते हैं।
