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Rinku Singh की टीम उत्तर प्रदेश की लगातार छठी जीत से विजय हजारे ट्रॉफी में नई उड़ान

अभिषेक गोस्वामी के शानदार शतक और रिंकू, ध्रुव जुरेल की तूफानी पारियों के दम पर उत्तर प्रदेश ने विदर्भ को 54 रनों से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया

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विदर्भ के खिलाफ जीत के बाद शतकवीर अभिषेक गोस्वामी और फिनिशर रिंकू सिंह का विजयी अंदाज
विदर्भ के खिलाफ जीत के बाद शतकवीर अभिषेक गोस्वामी और फिनिशर रिंकू सिंह का विजयी अंदाज

उत्तर प्रदेश क्रिकेट के लिए यह सीज़न यादगार बनता जा रहा है। विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप बी मुकाबले में विदर्भ जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 54 रनों की बड़ी जीत दर्ज कर रिंकू सिंह की अगुवाई वाली टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह उत्तर प्रदेश की लगातार छठी सीधी जीत रही, जिसने पूरे टूर्नामेंट में टीम के दबदबे को और मजबूत कर दिया।

टॉस हारकर जब उत्तर प्रदेश को पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला, तो ओपनर अभिषेक गोस्वामी ने इसे मौके में बदल दिया। गोस्वामी ने 103 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पारी की रीढ़ बने। उनके शॉट चयन में गजब का धैर्य दिखा, वहीं जरूरत पड़ने पर उन्होंने गियर भी बदला। दर्शकों को ऐसा लगा मानो यह कोई घरेलू नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की पारी हो।

गोस्वामी को मिडिल ऑर्डर से पूरा साथ मिला। युवा स्टार प्रियम गर्ग ने 67 रन बनाए और विकेट पर टिककर रन गति को कभी गिरने नहीं दिया। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने 56 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर स्कोर को 300 के पार पहुंचाने की नींव रखी। जुरेल के कवर ड्राइव और पुल शॉट ने तालियां बटोरीं।

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लेकिन असली रोमांच तो तब आया जब क्रीज़ पर रिंकू सिंह उतरे। उन्होंने 57 रन बनाए और अंतिम ओवरों में विदर्भ के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। रिंकू की बैटिंग में वही निडर अंदाज दिखा जिसके लिए वह जाने जाते हैं। उनके साथ निचले क्रम में भी आक्रामकता रही और उत्तर प्रदेश ने 50 ओवरों में 339/5 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

विदर्भ के खिलाफ जीत के बाद शतकवीर अभिषेक गोस्वामी और फिनिशर रिंकू सिंह का विजयी अंदाज


जवाब में विदर्भ के अमन मोखाडे ने अकेले मोर्चा संभाला और 147 रनों की लड़ाकू पारी खेली। उनकी यह पारी वाकई काबिल-ए-तारीफ थी, पर बाकी बल्लेबाज अपेक्षित सहयोग नहीं दे सके। उत्तर प्रदेश के स्पिन आक्रमण के सामने विदर्भ का ऑर्डर बिखरता गया।

यहां अनुभवी गेंदबाज कुलदीप यादव हीरो साबित हुए। कुलदीप ने 3/52 लेकर अहम समय पर विकेट झटके और मैच का रुख पलट दिया। स्पिन के जादूगर ने एक बार फिर दिखाया कि लिस्ट ए क्रिकेट में उनसे बड़ा मैच विनर शायद ही कोई हो। तेज गेंदबाजों ने भी दबाव बनाए रखा और विदर्भ 50 ओवरों में 285/9 तक ही पहुंच सकी।

दैनिक डायरी के पाठकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह जीत केवल एक मैच की नहीं, बल्कि पूरी रणनीति की सफलता है। कप्तान रिंकू सिंह ने खिलाड़ियों को खुली आज़ादी दी, फील्ड प्लेसमेंट सटीक रखा और बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी समझी। ग्रुप स्टेज के अंत में ऐसी लय मिलना नॉकआउट के लिए सबसे अच्छा संकेत है।

उत्तर प्रदेश अब खिताब की दावेदारों में सबसे आगे दिखाई देती है। टीम में युवा जोश, अनुभवी कुलदीप का संतुलन और रिंकू सिंह का फिनिशर टैग—तीनों मिलकर एक परफेक्ट पैकेज बना रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में यदि यही मानवीय जज़्बा कायम रहा, तो विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता है।