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“हम उन्हें बहुत मिस करते हैं” – रवींद्र जडेजा ने साथी खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन के लिए कही दिल छू लेने वाली बात
वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के बाद रवींद्र जडेजा ने अपने पुराने साथी रविचंद्रन अश्विन को याद किया। बोले – “उनके बिना टेस्ट खेलना अजीब लगता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित है।”
भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने एक भावुक बयान दिया है, जिसने हर क्रिकेट प्रशंसक को छू लिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद जडेजा ने अपने पुराने गेंदबाजी साथी रविचंद्रन अश्विन को याद करते हुए कहा —
“बिलकुल, हम उन्हें बहुत मिस करते हैं। अश्विन ने भारतीय क्रिकेट में जो योगदान दिया है, वह अविस्मरणीय है। वह हमेशा टीम के लिए मैच-विनर रहे हैं।”
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अहमदाबाद टेस्ट भारत का पहला मुकाबला था अश्विन के संन्यास के बाद, और जडेजा ने कहा कि यह अहसास बहुत अलग था।
“भारत में टेस्ट खेलते समय अक्सर लगता है कि अगली गेंद अब अश्विन डालेंगे, लेकिन फिर याद आता है कि वो अब मैदान में नहीं हैं,” जडेजा ने मुस्कराते हुए कहा।
भारत की टेस्ट में अजेय ताकत – ‘जडेजा और अश्विन की जोड़ी’
पिछले एक दशक में भारत की घरेलू टेस्ट क्रिकेट पर पकड़ का सबसे बड़ा कारण रही है — जडेजा-अश्विन की स्पिन जोड़ी।
इन दोनों ने मिलकर भारत को 12 वर्षों में लगातार 18 टेस्ट सीरीज़ जीतने में अहम भूमिका निभाई।
लेकिन इस शानदार सिलसिले का अंत पिछले साल न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 0-3 की हार के साथ हुआ। बावजूद इसके, जडेजा और अश्विन की साझेदारी भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ जडेजा का जलवा
वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया टेस्ट में जडेजा ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 104* रनों की नाबाद पारी खेली और 4 विकेट लेकर भारत को 140 रनों की पारी से जीत दिलाई।
भारत की यह जीत एक और बार यह साबित करती है कि जडेजा अब भी टीम के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर हैं। उन्होंने कहा —
“हमने दूसरे दिन की समाप्ति के बाद ही सोच लिया था कि 280 रन की बढ़त पर्याप्त होगी। विकेट में टर्न थी और हमें विश्वास था कि वेस्टइंडीज को दोबारा जल्दी आउट किया जा सकता है।”
“कप्तानी से ज़्यादा टीम का हिस्सा बनना मायने रखता है”
जडेजा को इस टेस्ट सीरीज़ से पहले उप-कप्तान बनाया गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि यह उनके खेल पर कोई असर नहीं डालता।

“उप-कप्तानी सिर्फ एक टैग है। मैं हमेशा टीम की रणनीति में अपने विचार साझा करता हूं। जब कोई युवा खिलाड़ी मुझसे सलाह मांगता है, तो मैं उसे खुलकर बताता हूं। हमारे ड्रेसिंग रूम में सीनियर-जूनियर का फर्क नहीं है, बस सम्मान की भावना है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम अगले 4–5 वर्षों में हर परिस्थिति में मजबूत स्क्वाड तैयार कर लेगी।
फिटनेस और मानसिक बदलाव ने किया मदद
जडेजा ने बताया कि पिछले दो महीनों में उन्होंने फिटनेस और मानसिक मजबूती पर काम किया है।
“मैंने दो महीने क्रिकेट नहीं खेला, इसलिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जाकर गेंदबाजी की प्रैक्टिस की। मैं अपनी लय और सही लाइन-लेंथ ढूंढना चाहता था। साथ ही, मैंने मानसिक रूप से भी अपने खेल में बदलाव किए हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह अपनी फिटनेस पर लगातार काम करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका दिखावा करना पसंद नहीं करते।
“मैं अपने वर्कआउट या ट्रेनिंग सेशंस की तस्वीरें पोस्ट नहीं करता, लेकिन रोज मेहनत करता हूं। यही फर्क मैदान पर दिखता है।”
बल्लेबाज़ी में भी लगातार सुधार
पिछले छह टेस्ट मुकाबलों में जडेजा ने सात बार 50+ स्कोर बनाए हैं। उन्होंने कहा —
“पहले मैं बल्लेबाज़ी में थोड़ा अलग सोच रखता था, लेकिन अब मैं अधिक धैर्य और आत्मविश्वास के साथ खेलता हूं। मुझे महसूस होता है कि मैं टीम को लगातार योगदान दे पा रहा हूं।”
क्रिकेट विशेषज्ञ सुनील गावस्कर ने जडेजा की तारीफ करते हुए कहा था —
“जडेजा अब सिर्फ एक ऑलराउंडर नहीं, बल्कि एक ‘मैच कंट्रोलर’ हैं, जो अकेले ही खेल का रुख बदल सकते हैं।”
भविष्य की टीम तैयार
जडेजा ने माना कि हर महान खिलाड़ी की जगह एक नया चेहरा लेता है, और यही क्रिकेट की खूबसूरती है।
“आज लोग कहते हैं ‘अश्विन नहीं हैं’, लेकिन कल कोई नया खिलाड़ी आएगा और इतिहास रचेगा। यही सिलसिला चलता रहेगा।”
उन्होंने टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर की भी तारीफ की, जिन्होंने इस टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया।
अश्विन के बिना टेस्ट क्रिकेट
अश्विन के बिना यह पहली घरेलू टेस्ट सीरीज़ थी। जडेजा ने कहा कि उन्हें अब भी कई बार ऐसा लगता है कि “अश्विन अब गेंद डालने वाले हैं।”
उनकी इस बात से यह साफ झलकता है कि दोनों के बीच सिर्फ गेंदबाजी साझेदारी नहीं, बल्कि एक गहरी दोस्ती भी थी जिसने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दीं।
