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IPL में इतिहास रचने की तैयारी में Rajasthan Royals, बन सकती है पहली बिलियन डॉलर फ्रेंचाइजी
ब्रांड वैल्यू, स्मार्ट बिजनेस मॉडल और वैश्विक फैनबेस ने बदली IPL टीमों की आर्थिक तस्वीर, RCB भी दौड़ में आगे
इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL अब सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रहा, बल्कि यह दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती स्पोर्ट्स लीग्स में गिना जाने लगा है। हालिया रिपोर्ट्स और मार्केट एनालिसिस की मानें तो Rajasthan Royals बहुत जल्द IPL की पहली 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,300 करोड़ रुपये) की फ्रेंचाइजी बन सकती है।
यह खबर क्रिकेट फैंस के साथ-साथ बिजनेस वर्ल्ड में भी हलचल मचा रही है, क्योंकि IPL की शुरुआत के समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कोई टीम इतनी बड़ी वैल्यू तक पहुंचेगी।
कैसे बढ़ी राजस्थान रॉयल्स की ब्रांड वैल्यू?
राजस्थान रॉयल्स की कहानी सिर्फ मैदान पर जीत-हार की नहीं है, बल्कि यह एक स्मार्ट बिजनेस मॉडल की मिसाल बन चुकी है। टीम ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया एंगेजमेंट, यंग प्लेयर्स में निवेश और इंटरनेशनल फैनबेस पर खास ध्यान दिया है।
राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उसने बड़े नामों के पीछे भागने की बजाय लॉन्ग-टर्म प्लानिंग अपनाई। युवा खिलाड़ियों को तराशना, डेटा-ड्रिवन डिसीजन लेना और फैंस को ब्रांड से जोड़ना—इन सबने टीम की वैल्यू को लगातार ऊपर पहुंचाया।
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IPL अब सिर्फ क्रिकेट नहीं, बड़ा बिजनेस मॉडल
आज IPL फ्रेंचाइजीज़ को सिर्फ मैच के दिन होने वाली कमाई से नहीं आंका जाता।
- ब्रांड एंडोर्समेंट
- स्पॉन्सरशिप डील्स
- डिजिटल कंटेंट
- मर्चेंडाइज़
- इंटरनेशनल पार्टनरशिप
इन सभी स्रोतों से टीमों की कमाई कई गुना बढ़ चुकी है। यही वजह है कि IPL टीमों की वैल्यू अब यूरोपियन फुटबॉल क्लब्स के करीब पहुंचने लगी है।
RCB भी बिलियन डॉलर क्लब के करीब
जहां राजस्थान रॉयल्स इस रेस में सबसे आगे बताई जा रही है, वहीं Royal Challengers Bengaluru (RCB) भी बिलियन डॉलर वैल्यूएशन के बेहद करीब मानी जा रही है।
RCB का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उसका मैसिव फैनबेस है। भले ही टीम अभी तक IPL ट्रॉफी न जीत पाई हो, लेकिन ब्रांड पॉपुलैरिटी के मामले में RCB हमेशा टॉप पर रही है। सोशल मीडिया फॉलोइंग, स्टार प्लेयर्स की मौजूदगी और मजबूत मार्केटिंग ने RCB को इस मुकाम तक पहुंचाया है।

टीम मालिकों के लिए क्यों खास है यह आंकड़ा?
1 बिलियन डॉलर की वैल्यू सिर्फ एक नंबर नहीं है। इसका मतलब है कि
- टीम अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक बन चुकी है
- फ्रेंचाइजी शेयरिंग, पार्टनरशिप और एक्सपेंशन के नए रास्ते खुलते हैं
- IPL की इंटरनेशनल ब्रांड इमेज और मजबूत होती है
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 3–5 सालों में IPL की कई टीमें इस क्लब में शामिल हो सकती हैं।
BCCI और IPL को भी होगा बड़ा फायदा
फ्रेंचाइजी वैल्यू बढ़ने का सीधा फायदा BCCI और IPL इकोसिस्टम को भी मिलेगा।
- मीडिया राइट्स की कीमत और बढ़ेगी
- नए स्पॉन्सर्स आएंगे
- इंटरनेशनल मार्केट में IPL की पकड़ मजबूत होगी
यही वजह है कि IPL को अब NBA और EPL जैसी लीग्स के बराबर खड़ा किया जाने लगा है।
फैंस के लिए क्या बदलेगा?
फैंस के लिए इसका मतलब सिर्फ महंगे आंकड़े नहीं हैं। बढ़ती वैल्यू के साथ
- बेहतर स्टेडियम एक्सपीरियंस
- हाई-क्वालिटी ब्रॉडकास्ट
- ज्यादा इंटरएक्टिव डिजिटल कंटेंट
- इंटरनेशनल लेवल के इवेंट्स
जैसी चीज़ें देखने को मिलेंगी।
आगे कौन?
अगर राजस्थान रॉयल्स और RCB के बाद बात करें, तो मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमें भी इस रेस में पीछे नहीं हैं। आने वाले समय में IPL की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है—जहां क्रिकेट और कॉर्पोरेट दुनिया एक-दूसरे से और गहराई से जुड़ेंगी।
IPL अब सिर्फ भारत का नहीं, एक ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड बन चुका है।
