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Pankaj Tripathi ने Arijit Singh  के बयान पर कही बड़ी बात कलाकार कोई फैक्ट्री प्रोडक्ट नहीं होते

प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की सोच पर अरिजीत को मिला पंकज त्रिपाठी का समर्थन बोले कला को आज भी मशीन समझा जाता है

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प्लेबैक सिंगिंग और कलाकारों की आज़ादी पर पंकज त्रिपाठी और अरिजीत सिंह की सोच बनी चर्चा का विषय
प्लेबैक सिंगिंग और कलाकारों की आज़ादी पर पंकज त्रिपाठी और अरिजीत सिंह की सोच बनी चर्चा का विषय

बॉलीवुड और मनोरंजन जगत में इन दिनों कलाकारों की आज़ादी और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चर्चा तेज है। मशहूर अभिनेता Pankaj Tripathi ने हाल ही में गायक Arijit Singh के उस बयान पर अपनी राय रखी है, जिसमें अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने की बात कही थी।

पंकज त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर बेहद सधे और मानवीय शब्दों में बात रखते हुए कहा कि कलाकारों को आज भी एक “प्रोडक्शन लाइन” की तरह देखा जाता है, जबकि सच्चाई यह है कि कलाकार इंसान होते हैं, मशीन नहीं। उन्होंने साफ कहा कि हर कलाकार की अपनी सीमाएं, भावनाएं और रचनात्मक थकान होती है, जिसे समझना बेहद ज़रूरी है।

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पंकज के मुताबिक, फिल्म और म्यूज़िक इंडस्ट्री में अक्सर यह उम्मीद की जाती है कि कलाकार हर समय बेहतरीन प्रदर्शन दें, बिना यह सोचे कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि अरिजीत जैसे संवेदनशील और समर्पित कलाकार का यह कहना इस बात का संकेत है कि इंडस्ट्री को अब आत्ममंथन करने की ज़रूरत है।

अरिजीत सिंह, जो सालों से बॉलीवुड को यादगार गाने दे रहे हैं, पहले भी लाइव परफॉर्मेंस और सच्ची गायकी को ज़्यादा अहम बताते रहे हैं। पंकज त्रिपाठी ने इस सोच का समर्थन करते हुए कहा कि कला तभी जीवित रहती है जब कलाकार खुद को स्वतंत्र महसूस करे।

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उन्होंने यह भी जोड़ा कि दर्शकों को भी कलाकारों पर अनावश्यक दबाव डालने से बचना चाहिए। हर इंसान को अपने करियर में ठहराव लेने और नई दिशा सोचने का हक है, चाहे वह अभिनेता हो या गायक।

पंकज त्रिपाठी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी खूब सराही जा रही है। कई लोग इसे इंडस्ट्री के भीतर चल रही “लगातार काम करो” वाली संस्कृति पर एक जरूरी सवाल मान रहे हैं। यह बहस सिर्फ अरिजीत सिंह तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस कलाकार से जुड़ी है, जो अपनी रचनात्मकता को बचाए रखना चाहता है।

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