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AI की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारी, OpenAI ने तनावपूर्ण भूमिका के लिए रखी 5.5 लाख डॉलर से ज्यादा सैलरी
मानसिक दबाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच OpenAI को चाहिए नया ‘हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस’, लंबे समय से खाली है अहम पद
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तेजी से बढ़ते जोखिम और कानूनी चुनौतियों के बीच OpenAI ने एक बेहद अहम लेकिन मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण पद को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने अपनी AI सुरक्षा टीम के लिए ‘हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस’ की भर्ती का ऐलान किया है, जिसके लिए सालाना सैलरी करीब 5.55 लाख डॉलर (लगभग 4.6 करोड़ रुपये) तक बताई जा रही है।
यह पद पिछले कई महीनों से खाली पड़ा था। इसी दौरान OpenAI को कई गलत मृत्यु (wrongful death) से जुड़े मुकदमों का सामना करना पड़ा, जिससे कंपनी की सुरक्षा रणनीति पर सवाल उठे। ऐसे में यह नई भर्ती OpenAI के लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि उसकी भविष्य की विश्वसनीयता से जुड़ा फैसला मानी जा रही है।
इस पद का उद्देश्य OpenAI के AI मॉडल्स से जुड़े संभावित खतरों को पहले ही पहचानना है — जैसे कि इनका गलत इस्तेमाल, सुरक्षा चूक या समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव। कंपनी चाहती है कि नया प्रमुख इन जोखिमों को समझकर ऐसी रणनीति तैयार करे, जिससे नुकसान को रोका जा सके।

इस भर्ती की जानकारी खुद OpenAI के सीईओ Sam Altman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने संकेत दिया कि यह भूमिका बेहद “stressful” यानी तनावपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इसमें तकनीक, नैतिकता और मानव सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसले लेने होंगे।
पिछले कुछ वर्षों में OpenAI की सेफ्टी टीम में कर्मचारियों के लगातार इस्तीफे भी चर्चा में रहे हैं। जानकारों का मानना है कि AI सुरक्षा से जुड़ा काम न केवल तकनीकी रूप से जटिल है, बल्कि मानसिक दबाव भी काफी ज्यादा होता है।
OpenAI अकेली कंपनी नहीं है जो इस दबाव से गुजर रही है। Alphabet और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी एंटरप्राइज AI डील्स के जरिए भारी निवेश को सही ठहराने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, पूरे इंडस्ट्री में अब तक निवेश के मुकाबले रिटर्न उतने प्रभावशाली नहीं रहे हैं।
AI एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में सिर्फ नई टेक्नोलॉजी बनाना काफी नहीं होगा, बल्कि उसकी सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य पर असर और कानूनी जिम्मेदारियां भी उतनी ही अहम होंगी। OpenAI की यह भर्ती इसी बदलते दौर की झलक मानी जा रही है, जहां AI की ताकत के साथ उसकी जिम्मेदारी भी तेजी से बढ़ रही है।
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