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भारत में डेटा सेंटर्स: इंटरनेट-जैसे रोजगार का नया वरदान? Nvidia CEO की बड़ी भविष्यवाणी
Nvidia के CEO का दावा – डेटा सेंटर्स भारत में न सिर्फ तकनीक बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर बन सकते हैं।
भारत आज एक नए तकनीकी दौर की ओर कदम बढ़ा रहा है, जहां डेटा सेंटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए नई रोजगार की उम्मीद बन रहे हैं। दुनिया की प्रमुख चिप और AI कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के CEO जेंसन हुआंग ने ठीक इस बात पर जोर दिया है कि भारत में बढ़ते AI डेटा सेंटर्स इंटरनेट के दौर जैसा रोजगार “बूम” तैयार कर सकते हैं।
हुआंग के अनुसार, जैसे इंटरनेट के आने के बाद भारत में फ्रीलांसर, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स डिलिवरी, मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर, ऑनलाइन टीचिंग और छोटे व्यवसायों में रोजगार की लहर आई थी, वैसे ही AI डेटा सेंटर्स भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का बहुमूल्य स्रोत बन सकते हैं।
उनके उदाहरण से समझिए – यदि एक भारी AI डेटा सेंटर का निर्माण शुरू होता है, तो उसमें टेक्निकल इंजीनियर तो काम करेंगे ही, लेकिन उससे पहले कॉन्क्रीट मिक्स करने वाले मजदूर, पाइप लगाने वाले ठेकेदार, वायरिंग कर रहे इलेक्ट्रिशियन, डेटा सेंटर डिजाइन करने वाले आर्किटेक्ट और ऑपरेटिंग टीम – सभी की नौकरियों की मांग होगी। यह रोजगार सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संचालन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, सप्लाई चेन और ओपन सर्विसेज तक फैले होंगे।
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बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी घोषणा की कि भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छुट दी जाएगी, जो इस क्षेत्र में निवेश को और तेज़ करेगी।
सीधे शब्दों में कहें तो हर एक बड़े डेटा सेंटर के निर्माण, रख-रखाव और संचालन में हजारों से लेकर लाखों लोग रोजगार पा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी शहर में नया AI डेटा सेंटर बनता है, तो वहां इलेक्ट्रिशियन, नेटवर्क इंजीनियर, सिस्टम ऑपरेटर, सिक्योरिटी कर्मी, मशीनरिज, कैशिएर, छोटे व्यवसाय मालिक जैसे कैफे और होटल वाले भी नए-नए ग्राहकों से जुड़े अवसर पाएंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वही अवसर है जो इंटरनेट के शुरुआती दिनों में भारत में छोटे-छोटे डिजिटल व्यवसायों के लिए प्रलोभन और उम्मीद बन गया था।
कुछ तकनीकी विशेषज्ञ कहते हैं कि यह बदलाव सिर्फ स्थानीय रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर, AI ट्रेनिंग सेंटर और मेडिकल/शिक्षा क्षेत्र जैसी कई अन्य इंडस्ट्रीज को भी भारत के लिए अवसर प्रदान करेगा।
संक्षेप में, भारत में AI डेटा सेंटर्स की यह नई लहर तकनीक के साथ-साथ रोजगार की एक नई कहानी लिख सकती है – वह भी इंटरनेट के दौर जैसे स्तर पर।
