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Virat Kohli के आउट होने तक New Zealand ने नहीं मनाई जीत ‘King अभी क्रीज़ पर है’
Indore वनडे में Kohli के डर से New Zealand का मीडिया मैनेजर भी जश्न से रहा दूर
क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनकी मौजूदगी ही मुकाबले की धड़कन बढ़ा देती है। Virat Kohli उन्हीं में से एक हैं। Indore में खेले गए तीसरे वनडे के दौरान यह बात सिर्फ भारतीय फैंस ही नहीं, बल्कि New Zealand कैंप भी अच्छी तरह समझता था। हालात ऐसे थे कि कीवी टीम का मीडिया मैनेजर तक जीत का जश्न मनाने से खुद को रोक रहा था, क्योंकि Kohli अभी क्रीज़ पर मौजूद थे।
मैच की कहानी उतार-चढ़ाव से भरी रही। India ने शुरुआत में New Zealand को दबाव में जरूर डाला, लेकिन इसके बाद Daryl Mitchell और Glenn Phillips के शतकों ने मेहमान टीम को 338 रन तक पहुंचा दिया। जवाब में India की शुरुआत लड़खड़ा गई और स्कोर 71/4 हो गया। इसके बाद Kohli ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभाली।
Kohli की यह पारी उनके करियर की 54वीं ODI सेंचुरी थी। उन्होंने एक छोर थामे रखा और युवा बल्लेबाज़ों Nitish Reddy और Harshit Rana के साथ मिलकर मुकाबले में जान फूंकी। Reddy के 53 और Harshit के 52 रन ने India की उम्मीदों को ज़िंदा रखा।
159/5 के स्कोर पर जब Reddy आउट हुए, तो कहानी फिर से जानी-पहचानी लगने लगी। Kohli के पास साथी बल्लेबाज़ कम पड़ रहे थे और रन रेट लगातार बढ़ रहा था। Harshit के साथ 99 रन की साझेदारी जरूर बनी, लेकिन आखिरी तीन विकेट के साथ लगभग 11 रन प्रति ओवर की दर से रन चाहिए थे।
इस बीच एक दिलचस्प किस्सा सामने आया। मशहूर भारतीय ब्रॉडकास्टर Jatin Sapru ने बताया कि जब Harshit Rana बल्लेबाज़ी के लिए आए, तब उन्होंने New Zealand के मीडिया मैनेजर को मैसेज किया—“कुछ खास हो सकता है।” जवाब में तुरंत रिप्लाई आया—“King अभी बीच में है, अभी खत्म नहीं हुआ।”

यह एक पंक्ति Kohli की वैश्विक प्रतिष्ठा को बयां करने के लिए काफी थी। New Zealand जीत से कुछ विकेट दूर था, फिर भी उनके सपोर्टर्स और टीम स्टाफ तब तक निश्चिंत नहीं थे, जब तक Kohli क्रीज़ पर डटे हुए थे।
आखिरकार जब Kohli लॉन्ग-ऑफ पर कैच देकर आउट हुए, तभी जाकर मुकाबले पर पर्दा गिरा। India यह मैच और सीरीज भले ही हार गई, लेकिन Kohli की यह जुझारू पारी लंबे समय तक याद की जाएगी। कई फैंस को यह संघर्ष उनके आदर्श Sachin Tendulkar की पुरानी लड़ाइयों की याद दिला गया, जब वह अकेले दम पर टीम को जीत के करीब ले जाते थे।
हालांकि यह हार India को चुभेगी, क्योंकि पिछले 14 महीनों में दूसरी बार New Zealand ने इतिहास रचा है। लेकिन अगर किसी सकारात्मक पहलू की बात करें, तो वह युवा बल्लेबाज़ों का आत्मविश्वास था। Harshit और Reddy ने दिखा दिया कि भविष्य के लिए टीम के पास मजबूत विकल्प मौजूद हैं।
Jatin Sapru के मुताबिक, Indian फैंस आखिरी गेंद तक उम्मीद नहीं छोड़ रहे थे। Kohli के साथ इन युवाओं का साथ देना इस बात का संकेत है कि टीम सही दिशा में निवेश कर रही है। हार का दर्द रहेगा, लेकिन Kohli की यह पारी और युवाओं का जज्बा आने वाले समय के लिए भरोसा जरूर जगाता है।
