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Air India

IndiGo संकट के बाद आसमान में नए खिलाड़ी, सरकार ने दी Al Hind Air और FlyExpress को हरी झंडी

घरेलू विमानन में बढ़ेगा विकल्प, 2026 तक शंख एयर भी शुरू कर सकती है उड़ान

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भारतीय विमानन क्षेत्र में नई एयरलाइंस की एंट्री से यात्रियों को मिलेंगे अधिक विकल्प।
भारतीय विमानन क्षेत्र में नई एयरलाइंस की एंट्री से यात्रियों को मिलेंगे अधिक विकल्प।

देश के घरेलू विमानन क्षेत्र में लंबे समय से चल रही सीमित विकल्पों की बहस के बीच अब यात्रियों के लिए राहत की खबर है। हाल ही में IndiGo के बड़े परिचालन संकट के बाद सरकार ने दो नई एयरलाइंस — Al Hind Air और FlyExpress — को उड़ान भरने की मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दोनों कंपनियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है, जिससे अगले साल भारतीय आसमान में नए नाम जुड़ने की तैयारी है।

इस फैसले की जानकारी खुद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री K Rammohan Naidu ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने बताया कि बीते एक सप्ताह में मंत्रालय की टीम ने Shankh Air, Al Hind Air और FlyExpress के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। जहां शंख एयर को पहले ही NOC मिल चुका है, वहीं Al Hind Air और FlyExpress को इस हफ्ते मंजूरी दी गई है।

भारतीय विमानन क्षेत्र में नई एयरलाइंस की एंट्री से यात्रियों को मिलेंगे अधिक विकल्प।


वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो घरेलू विमानन बाजार में Air India समूह और IndiGo की संयुक्त हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से ज्यादा है। ऐसे में नए खिलाड़ियों की एंट्री को मंत्रालय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मान रहा है। मंत्रालय का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजारों में शामिल है और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलना जरूरी है।

Al Hind Air से क्या उम्मीदें?

Al Hind Air को केरल स्थित Alhind Group प्रमोट कर रहा है। यह एयरलाइन खुद को एक क्षेत्रीय कम्यूटर एयरलाइन के रूप में पेश कर रही है। शुरुआती दौर में यह ATR 72-600 विमान बेड़े के साथ घरेलू रूट्स पर उड़ान शुरू करेगी। एयरलाइन का बेस Kochi में होगा और इसके लिए Cochin International Airport Limited के साथ सहयोग किया जा रहा है। भविष्य में Al Hind Air अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना भी बना रही है।

डुओपॉली पर बढ़ती चिंता

Al Hind Air और FlyExpress को NOC ऐसे समय में मिला है जब घरेलू विमानन क्षेत्र में कथित ‘डुओपॉली’ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में IndiGo को बड़े स्तर पर परिचालन अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा, जहां हजारों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री प्रभावित हुए। इस संकट के बाद सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और Directorate General of Civil Aviation ने एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया।

मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार की नीति रही है कि भारतीय विमानन क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाए। UDAN योजना के तहत Star Air, India One Air और Fly91 जैसी छोटी एयरलाइंस को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में अहम भूमिका निभाने का मौका मिला है।

आगे क्या बदलेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि नई एयरलाइंस के आने से न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि किरायों में स्थिरता और सेवा गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। यात्रियों के लिए यह संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारतीय आसमान ज्यादा व्यस्त, ज्यादा प्रतिस्पर्धी और ज्यादा विकल्पों वाला होगा।

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