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“मियां बैग्स पैक कर और आ जा” Mohammed Siraj ने बताया कैसे सूर्या बने टीम इंडिया की नई ताकत

टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से जुड़ा किस्सा जिसमें मोहम्मद सिराज ने खोला सूर्यकुमार यादव के करियर टर्निंग पॉइंट का राज

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“मियां बैग्स पैक कर और आ जा” सिराज ने सुनाया सूर्या के करियर का किस्सा
मोहम्मद सिराज और सूर्यकुमार यादव की दोस्ती और संघर्ष की कहानी ने फैंस का दिल जीता

भारतीय क्रिकेट में कई कहानियां मैदान के बाहर जन्म लेती हैं, जो बाद में इतिहास बन जाती हैं। ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी हाल ही में सामने आई है, जब Mohammed Siraj ने अपने साथी बल्लेबाज़ Suryakumar Yadav को लेकर एक मज़ेदार लेकिन प्रेरणादायक किस्सा साझा किया।

सिराज ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब सूर्या अपने करियर को लेकर असमंजस में थे। उसी दौरान सिराज ने उनसे कहा था— “मियां, बैग्स पैक कर और आ जा… मौका खुद बनाना पड़ता है।”
आज वही सूर्या भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद T20 बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं।

ड्रेसिंग रूम से आई असली कहानी

सिराज के मुताबिक, सूर्या के अंदर टैलेंट तो हमेशा था, लेकिन खुद पर भरोसा और सही मौके की जरूरत थी। टीम इंडिया के कैंप में आने के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी में न सिर्फ निरंतरता लाई, बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी भी संभाली।

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सिराज ने हंसते हुए कहा कि सूर्या ने उस सलाह को दिल से लिया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

संघर्ष से स्टारडम तक का सफर

सूर्यकुमार यादव का करियर आसान नहीं रहा। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम इंडिया में स्थायी जगह मिलने में वक्त लगा। लेकिन एक बार मौका मिलने के बाद उन्होंने अपने अनोखे शॉट्स और बेखौफ अंदाज़ से चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया कि उन्हें नज़रअंदाज़ न किया जाए।

आज सूर्या उस खिलाड़ी के रूप में पहचाने जाते हैं, जो मैच का रुख कुछ ही ओवरों में पलट सकता है।

“मियां बैग्स पैक कर और आ जा” सिराज ने सुनाया सूर्या के करियर का किस्सा


सिराज और सूर्या की बॉन्डिंग

टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में सिराज और सूर्या की दोस्ती काफी चर्चित है। दोनों ही खिलाड़ी संघर्ष से निकलकर यहां तक पहुंचे हैं, यही वजह है कि एक-दूसरे की मेहनत और जज़्बे को अच्छी तरह समझते हैं।

सिराज का मानना है कि टीम में ऐसे रिश्ते खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाते हैं।

युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश

यह किस्सा सिर्फ एक मज़ेदार लाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा संदेश भी देता है—अगर खुद पर भरोसा है, तो मौके खुद चलकर आते हैं।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यही सोच आज की टीम इंडिया को बाकी टीमों से अलग बनाती है।

आगे की राह

आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में सूर्यकुमार यादव से टीम को फिर ऐसे ही प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद होगी, वहीं मोहम्मद सिराज गेंद से वही आक्रामकता दिखाते रहेंगे। यह जोड़ी मैदान पर अलग-अलग रोल में, लेकिन एक ही लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है—भारत की जीत।