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“गब्बा में ऑस्ट्रेलिया का बड़ा झटका! नैथन लायन को बाहर बैठाकर भड़का ड्रेसिंग रूम… रूट ने जड़ दिया ऐतिहासिक शतक”
13 साल बाद पहली बार नैथन लायन की घरेलू टेस्ट से छुट्टी, ‘फिल्थी मूड’ में नजर आए; वहीं जो रूट का पहला ऑस्ट्रेलिया शतक बन गया इंग्लैंड की उम्मीदों का सहारा।
ब्रिस्बेन के गब्बा स्टेडियम में गुरुवार को खेला गया एशेज का दूसरा टेस्ट बेहद विवादित और रोमांचक शुरुआत लेकर आया। मैच से पहले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम में बड़ा फैसला लिया गया—13 साल में पहली बार दिग्गज स्पिनर नैथन लायन को घरेलू टेस्ट से ड्रॉप कर दिया गया।
और इसी फैसले ने पूरी कहानी बदल दी।
लायन बोले—“मैं बिल्कुल फिल्थी हूं”
मैच से पहले जब नैथन लायन (Australia’s 3rd highest Test wicket-taker) को पता चला कि उन्हें प्लेइंग-XI से बाहर किया गया है, तो उनका गुस्सा छुपा नहीं।
उन्होंने कहा:
“मैं बिल्कुल फिल्थी हूं… 13 साल में पहली बार ऐसा हुआ है। मैं जानता हूं कि मैं इस पिच पर टीम के लिए क्या कर सकता था।”
टीम सिलेक्शन हेड जॉर्ज बेली ने सफाई दी कि यह सिर्फ “एक टेस्ट का फैसला” था और एडिलेड टेस्ट में लायन की वापसी तय है। लेकिन क्रिकेट एक्सपर्ट्स इस फैसले को अब भी “मिस्टिफाइंग कॉल” बता रहे हैं।
दूसरी ओर—इंग्लैंड के जो रूट ने बना दिया इतिहास
ऑस्ट्रेलिया के ऑल-पेस अटैक को जो रूट ने ऐसा जवाब दिया कि पूरी रणनीति बेअसर नजर आई।
पहली पारी में शुरुआती 2 विकेट सिर्फ 5 रन पर गिरने के बाद, रूट ने क्रीज पर जमकर संघर्ष किया और अपना पहला ऑस्ट्रेलिया शतक ठोक डाला। यह उनके करियर का 40वां टेस्ट शतक भी है।
इंग्लिश ओपनर ज़ैक क्रॉली ने रूट की पारी की तारीफ में कहा:
“यह रूट के करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक है… वह बिल्कुल शांत थे, जैसे हालात उन्होंने पहले ही पढ़ लिए हों।”
रूट और क्रॉली ने तीसरे विकेट के लिए 117 रन जोड़े, जिसने इंग्लैंड को पहले दिन ही मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

आख़िरी सेशन में इंग्लैंड की आक्रामक चाल
अंतिम ओवरों में जॉफ्रा आर्चर के साथ रूट ने सिर्फ 44 गेंदों में 61 रन ठोककर ऑस्ट्रेलिया को हैरान कर दिया।
क्रॉली ने कहा:
“यह विन-विन था। या तो तेज़ रन बनते, या हम लाइट्स में ऑस्ट्रेलिया पर दबाव डालते… और हमने वो सेशन साफ जीता।”
दिन खत्म होने पर:
इंग्लैंड – 325/9 (रूट 135, आर्चर 33)**
ऑस्ट्रेलिया की चूक – क्या सिर्फ पेस अटैक पर भरोसा भारी पड़ा?
गब्बा जैसी पिच पर जहां छठे-सातवें सेशन में स्पिन अहम होता है, वहां नैथन लायन को बाहर करना बड़ा रिस्की फैसला माना जा रहा है।
चर्चा है कि यह फैसला टीम के अंदर की रणनीतिक खींचतान का नतीजा है, क्योंकि स्टार्क खुद भी बोले:
“लायन को बाहर करना बेहद कठिन फैसला था… वह टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते थे।”
आगे क्या?
एडिलेड टेस्ट—जो डे-नाइट होगा—में लायन की वापसी तय है।
लेकिन ब्रिस्बेन में रूट की पारी ने यह सवाल कायम कर दिया है:
“क्या ऑस्ट्रेलिया ने अपने सबसे भरोसेमंद मैच-विनर को गलत समय पर बाहर कर दिया?”
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