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LinkedIn का बड़ा अपडेट: अब AI तय करेगा आपकी फीड, ऑटोमेटेड कमेंट्स पर सख्ती

नई AI तकनीक से दिखेंगे ज्यादा काम के पोस्ट, फेक एंगेजमेंट और स्पैम कंटेंट पर कंपनी ने कसा शिकंजा

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LinkedIn ने अपनी फीड को ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी बनाने के लिए AI-आधारित नया रैंकिंग सिस्टम पेश किया है।

दुनिया के सबसे बड़े प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn ने अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने हाल ही में अपनी फीड (Feed) को और ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी बनाने के लिए नई AI-powered ranking system पेश किया है।

इस अपडेट का मकसद यह है कि यूजर्स को उनकी रुचि और पेशे से जुड़े ज्यादा प्रासंगिक पोस्ट दिखाई दें, जबकि स्पैम, ऑटोमेटेड कमेंट्स और सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बनाए गए पोस्ट कम दिखें।

कंपनी का कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म पर बातचीत ज्यादा प्रामाणिक और पेशेवर बनेगी।


अब AI समझेगा आपकी रुचि

LinkedIn ने बताया कि उसकी नई फीड अब जेनरेटिव AI मॉडल्स की मदद से काम करेगी। इस तकनीक को “Generative Recommenders” कहा जा रहा है।

यह सिस्टम कई संकेतों को देखकर तय करेगा कि किसी यूजर की फीड में कौन-से पोस्ट दिखाई दें। उदाहरण के तौर पर:

  • यूजर का प्रोफाइल
  • उसका उद्योग या पेशा
  • उसकी स्किल्स
  • लोकेशन
  • वह किन पोस्ट पर ज्यादा प्रतिक्रिया देता है

इन सभी संकेतों को मिलाकर AI यह समझने की कोशिश करेगा कि यूजर को किस तरह की जानकारी ज्यादा पसंद आती है।

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति हाल ही में स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी या करियर ग्रोथ से जुड़े पोस्ट ज्यादा पढ़ रहा है, तो उसकी फीड में ऐसे ही विषयों से जुड़े पोस्ट ज्यादा दिखाई देंगे।


ऑटोमेटेड कमेंट्स पर सख्त कार्रवाई

LinkedIn ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए ऑटोमेटेड कमेंट्स और थर्ड-पार्टी टूल्स के खिलाफ सख्त कदम उठाने की घोषणा की है।

कंपनी का कहना है कि कई लोग ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करते हैं जो अपने-आप पोस्ट पर कमेंट या प्रतिक्रिया कर देते हैं। इससे प्लेटफॉर्म पर नकली एंगेजमेंट बढ़ जाता है।

अब LinkedIn अपने सिस्टम को मजबूत कर रहा है ताकि ऐसे टूल्स और ब्राउज़र एक्सटेंशन की पहचान कर उन्हें सीमित किया जा सके।

कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्लेटफॉर्म पर बातचीत असली और सार्थक रहे।


एंगेजमेंट बढ़ाने वाले “ट्रिक पोस्ट” होंगे कम

LinkedIn ने यह भी कहा है कि आने वाले महीनों में वह उन पोस्ट की पहुंच कम करेगा जिनका मकसद सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ाना होता है।

ऐसे पोस्ट अक्सर यूजर्स से कहते हैं:

  • “अगर आप सहमत हैं तो Yes लिखें”
  • “Agree हो तो कमेंट करें”

या फिर कुछ लोग पोस्ट के साथ ऐसा वीडियो जोड़ देते हैं जिसका विषय से कोई संबंध नहीं होता, लेकिन इससे पोस्ट ज्यादा लोगों तक पहुंच जाता है।

LinkedIn अब ऐसे कंटेंट को कम प्राथमिकता देगा।

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किस तरह के पोस्ट को मिलेगा बढ़ावा?

कंपनी का कहना है कि वह उन पोस्ट को ज्यादा महत्व देना चाहती है जो सच में लोगों के लिए उपयोगी हों।

जैसे:

  • इंडस्ट्री से जुड़ा विश्लेषण
  • करियर सलाह
  • कार्यस्थल से जुड़े अनुभव
  • प्रोफेशनल चर्चाएं

LinkedIn का मानना है कि इससे प्लेटफॉर्म पर ज्ञान साझा करने की संस्कृति मजबूत होगी।


नए यूजर्स के लिए भी नया फीचर

LinkedIn ने नए यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी एक नया फीचर शुरू किया है।

जब कोई नया व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर साइन-अप करेगा तो उसे Interest Picker नाम का विकल्प मिलेगा। इसके जरिए वह चुन सकेगा कि उसे किन विषयों में रुचि है।

उदाहरण के तौर पर:

  • लीडरशिप
  • नौकरी खोजने की स्किल्स
  • करियर ग्रोथ
  • टेक्नोलॉजी

इससे शुरुआत से ही उसकी फीड ज्यादा प्रासंगिक दिखाई देगी।


क्यों जरूरी था यह बदलाव?

पिछले कुछ वर्षों में LinkedIn पर भी सोशल मीडिया की तरह स्पैम पोस्ट, ऑटोमेटेड कमेंट्स और एंगेजमेंट ट्रिक्स बढ़ने लगे थे।

कई यूजर्स शिकायत करते थे कि फीड में उपयोगी जानकारी के बजाय अक्सर एक जैसे प्रेरणादायक पोस्ट या वायरल कंटेंट दिखने लगा है।

कंपनी का मानना है कि नए AI-आधारित सिस्टम से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।


धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचेगा अपडेट

LinkedIn ने बताया कि यह अपडेट धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है। कंपनी लगातार इस सिस्टम का परीक्षण करेगी और जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव भी करेगी।

यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में LinkedIn की फीड पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी बन सकती है।

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