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“मेरी तैयारी फिटनेस और फील-गुड है”—Virat Kohli का बड़ा बयान, बैटिंग कोच बोले: ‘इनके बारे में चर्चा की जरूरत ही नहीं’

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Virat Kohli on Preparation: Fitness, Experience & Feel-Good Factor | Dainik Diary
नेट सेशन में विराट कोहली—फिटनेस, अनुभव और ‘फील-गुड’ ही है उनकी असली तैयारी का राज़।

रांची के JSCA स्टेडियम में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, फिटनेस और मानसिक संतुलन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। 120 गेंदों में 135 रन की शानदार पारी के बाद जब उनसे पूछा गया कि टीम इंडिया के लिए उनकी तैयारी का असली फॉर्मूला क्या है, तो कोहली ने बेहद साफ और आत्मविश्वासी जवाब दिया—

“मेरी तैयारी मेरी फिटनेस और ‘फील-गुड’ है।”

यानी कोहली के लिए घरेलू क्रिकेट में अतिरिक्त मैच खेलना या घंटों तक नेट प्रैक्टिस में पसीना बहाना ही सबकुछ नहीं है। उनका मानना है कि जब आपका शरीर मजबूत हो, दिमाग शांत हो और आप खेल को सही तरह से महसूस कर रहे हों—तो यही सबसे बड़ी तैयारी है।


“300 ODI खेल चुका हूं… मुझे पता है गेम को कैसे पकड़ना है”

पोस्ट-मैच प्रस्तुति में कोहली ने कहा—

“मैंने 300 से ज्यादा ODI खेले हैं। अगर आप नेट में डेढ़–दो घंटे लगातार बिना रुके बल्लेबाज़ी कर सकते हैं, आपकी रिफ्लेक्सेस सही हैं, आपकी बॉडी तैयार है—तो यही मार्कर्स काफी हैं।”

कोहली ने यह भी माना कि अगर कभी फॉर्म में गिरावट आती है तो मैच खेलकर लय वापस लाना ज़रूरी होता है।
लेकिन अभी वो mentally और physically दोनों ही शीर्ष फॉर्म में हैं।


फैंस और मीडिया के सवाल: क्या कोहली को घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए?

हाल के दिनों में यह चर्चा चल रही थी कि सीनियर खिलाड़ियों—खासतौर पर कोहली—को घरेलू ODIs खेलकर टीम के साथ तालमेल बैठाना चाहिए।

लेकिन कोहली के बयान ने यह साफ कर दिया कि वह:

खुद की तैयारी को सबसे बेहतर समझते हैं
फिटनेस को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं
और जब तक बल्ला बोल रहा है, उन्हें अलग से मैच तलाशने की जरूरत नहीं


बैटिंग कोच कोटक ने साफ शब्दों में कहा—‘कोहली पर सवाल ही क्यों?’

टीम इंडिया के बैटिंग कोच सिटांशु कोटक ने भी कोहली का पूरा समर्थन किया। उन्होंने प्रैक्टिस सेशन के बाद कहा—

“मुझे समझ नहीं आता कि इन सब पर बातचीत की जरूरत क्यों है। वो शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। फॉर्म, फिटनेस, परफॉर्मेंस—किसी चीज पर सवाल नहीं है।”

उनका इशारा साफ था—विराट कोहली टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से हैं और ODI सेटअप में उनकी जगह पर कोई बहस हो ही नहीं सकती।

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2027 वर्ल्ड कप प्लान? “अभी तो बात ही नहीं हुई”

कुछ रिपोर्ट्स 2027 विश्व कप को लेकर कोहली और रोहित की भूमिका पर सवाल उठाती रही हैं।

लेकिन कोटक ने इस पर भी स्पष्ट कर दिया—

“ये दो साल दूर है। अभी टीम में जो मैच है, जो अभ्यास है, उसी पर फोकस है। 2027 पर चर्चा का अभी कोई मतलब नहीं है।”

यह बात टीम मैनेजमेंट की सोच भी बताती है—वर्तमान पर ध्यान, भविष्य की अनिश्चित चिंता नहीं।


रांची का शतक: कोहली का ‘फील-गुड’ का सबसे बड़ा सबूत

कोहली का 135 रन का ये शतक उनकी उसी मानसिकता का परिणाम था—

  • गेंद पर पूरा नियंत्रण
  • लंबी पारी खेलने का इरादा
  • फिटनेस का जबरदस्त प्रदर्शन
  • और सबसे बढ़कर—दिमाग शांत, इरादा मजबूत

उनकी बल्लेबाज़ी में न कहीं जल्दबाज़ी थी, न कोई दबाव—बस शांति से खेल पढ़ना और मौके पर सही शॉट मारना।


क्यों कोहली का यह बयान टीम इंडिया के लिए अहम है?

यह दिखाता है कि वह मानसिक रूप से तरोताज़ा हैं
फिटनेस के मामले में अभी भी टीम के सबसे आगे
ODI क्रिकेट में उनका योगदान अटूट है
टीम युवा खिलाड़ियों के लिए उनका अनुभव अमूल्य है

जिस आत्मविश्वास के साथ कोहली ने अपनी ‘तैयारी’ पर जोर दिया, वह बताता है कि आने वाले सालों में भी उनका योगदान उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।

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