Sports
IND vs SA ODI Series: आखिर रोहित नहीं, केएल राहुल ही क्यों बने कप्तान? सामने आई असली वजह
शुभमन गिल की चोट के बाद बीसीसीआई ने छोटी लेकिन अहम वनडे श्रृंखला की कमान केएल राहुल को सौंपी, ऋषभ पंत उपकप्तान बने।
भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व को लेकर चर्चा कभी खत्म नहीं होती—और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भी यही माहौल है। रविवार को जब यह आधिकारिक घोषणा हुई कि केएल राहुल भारत की कप्तानी करेंगे, तो फैंस एक बार फिर चौकन्ने हो गए—“आखिर रोहित शर्मा क्यों नहीं?”
दरअसल, वनडे कप्तानी राहुल को स्थायी रूप से नहीं, बल्कि एक “रणनीतिक असाइनमेंट” के रूप में मिली है। बीसीसीआई चयन समिति का मानना है कि यह छोटी सीरीज टीम को प्रयोग और बैकअप लीडरशिप बनाने का मौका दे सकती है। वहीं नियमित कप्तान शुभमन गिल को कोलकाता टेस्ट के दौरान गर्दन में चोट लगी, जिसके चलते वे पूरी सीरीज से बाहर हो गए।
पंत पर विचार क्यों नहीं हुआ?
फैंस के मन में अगला सवाल था—क्या विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को कप्तानी का मौका मिलना चाहिए था? सूत्रों का कहना है कि चयनकर्ताओं ने पंत के वनडे वर्कलोड को ध्यान में रखा। पिछले एक साल में उन्होंने सिर्फ एक ही ODI खेला है। ऐसे में अचानक कप्तानी सौंपना जोखिम भरा हो सकता था। हालांकि, उन्हें उपकप्तान बनाकर टीम मैनेजमेंट ने एक मजबूत संदेश दिया—“लीडरशिप ग्रूमिंग जारी है।”
और भी पढ़ें : 24 नवंबर 2025 को रामपुर में सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव जानें 24 और 22 कैरेट के ताज़ा रेट
पंत ने कार एक्सीडेंट से उबरकर शानदार वापसी की है, और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनके अनुभव पर टीम काफी भरोसा जता रही है।
रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी—आराम या रणनीति?
हालाँकि रोहित उपलब्ध थे, लेकिन वर्कलोड मैनेजमेंट एक बड़ा कारण रहा। बीसीसीआई विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और 2026 टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ खिलाड़ियों को ब्रेक देने की नीति अपना रहा है।
इसी तरह मुख्य तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को भी आराम दिया गया है।
टीम में बड़ी वापसी — जडेजा का धमाकेदार रिटर्न
करीब आठ महीने बाद टीम में जगह बनाकर रविंद्र जडेजा ने चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है।
अक्षर पटेल को आराम देने के बाद स्पिन विभाग की जिम्मेदारी जडेजा, कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर संभालेंगे।
जडेजा आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल खेलते नजर आए थे। उनकी फिटनेस, फील्डिंग और मैच फिनिशिंग क्षमता भारत के लिए बड़ी पूंजी है।

युवा सितारों को चमकने का मौका
इस सीरीज से उभरते खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है—
- यशस्वी जायसवाल—रोहित के साथ ओपनिंग कर सकते हैं
- रुतुराज गायकवाड़—A टीम में शानदार प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं का भरोसा
- ध्रुव जुरेल—युवा विकेटकीपर के रूप में नई उम्मीद
गायकवाड़ ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका A के खिलाफ 117 और 68* की पारियाँ खेलकर चयन पर मुहर लगाई।
तेज़ गेंदबाज़ी की कमान नए हाथों में
बिना बुमराह और सिराज के, युवा तेज़ गेंदबाज़ों के लिए यह बड़ा अवसर होगा—
- अर्शदीप सिंह
- हर्षित राणा
- प्रसिद्ध कृष्णा
- नीतीश कुमार रेड्डी
ये खिलाड़ी भविष्य की वनडे बेंच स्ट्रेंथ निर्धारित कर सकते हैं।
सीरीज शेड्यूल — पूरा ध्यान भारत पर
30 नवंबर — रांची
3 दिसंबर — रायपुर
6 दिसंबर — विशाखापत्तनम
दर्शकों की नजरें विशेष रूप से राहुल की कप्तानी शैली, पंत की वापसी और युवा बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर रहेंगी।
कप्तानी राहुल ही क्यों?—बड़ी वजह
- अनुभवी, शांत और संतुलित नेतृत्व शैली
- IPL में Lucknow Super Giants का सफल नेतृत्व
- रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता
- सीनियर खिलाड़ियों का भरोसा
- BCCI की “रोटेशन कैप्टेंसी” सोच
इससे भारतीय क्रिकेट में एक मजबूत नेतृत्व पूल तैयार होगा।
