cricket
क्राइसिस में फिर KL Rahul बने भारत की ढाल, 8वां ODI शतक जड़कर टीम को संभाला, बेटी को समर्पित किया जश्न
Rajkot में New Zealand के खिलाफ नाबाद 112 रन, बड़े नाम फेल होने पर Rahul ने निभाई संकटमोचक की भूमिका
जब हालात मुश्किल हों और शीर्ष बल्लेबाज़ एक-एक कर पवेलियन लौट जाएं, तब KL Rahul का बल्ला बोलता है। Rajkot में New Zealand के खिलाफ दूसरे वनडे में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां Rahul ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारत के असली “crisis man” क्यों माने जाते हैं।
दबाव से भरे मुकाबले में Rahul ने नाबाद 112 रन की शानदार पारी खेली और भारत को 284/7 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। यह उनका 8वां ODI शतक था — New Zealand के खिलाफ दूसरा, नंबर 5 या उससे नीचे बल्लेबाज़ी करते हुए तीसरा और विकेटकीपर के तौर पर तीसरा शतक।
बड़े नाम फेल, Rahul ने थामा मोर्चा
33 वर्षीय Rahul उस वक्त क्रीज़ पर आए जब भारत ने Shreyas Iyer का विकेट जल्दी गंवा दिया था। उनके साथ क्रीज़ पर Virat Kohli मौजूद थे, लेकिन बेहतरीन फॉर्म में चल रहे Kohli भी सिर्फ 23 रन बनाकर आउट हो गए।
इससे पहले Rohit Sharma, Shubman Gill और Iyer भी अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। Gill ने अर्धशतक जरूर जमाया, लेकिन शतक तक नहीं पहुंच पाए। एक समय भारत का स्कोर 99/1 से 118/4 हो गया और पारी लड़खड़ाती नजर आई।
संयम, समझ और साझेदारियां
ऐसे नाजुक मोड़ पर Rahul ने घबराने के बजाय हालात को पढ़ा। उन्होंने अपने स्वभाव के मुताबिक जोखिम नहीं लिया, बल्कि रन गति बनाए रखी। Ravindra Jadeja और Nitish Kumar Reddy के साथ उनकी अहम साझेदारियों ने भारत की पारी को संभालकर रखा।
92 गेंदों की इस पारी में Rahul ने 11 चौके और 1 छक्का जड़ा। खास बात यह रही कि दूसरे छोर से बल्लेबाज़ बदलते रहे, लेकिन Rahul अंत तक टिके रहे और भारत को डेथ ओवर्स में बिखरने नहीं दिया।

गेंदबाज़ों का दबाव, फिर भी Rahul अडिग
New Zealand के लिए Kyle Jamieson ने Gill को पवेलियन भेजा, जबकि Kris Clarke ने अपनी मीडियम पेस से Iyer और Kohli जैसे अहम विकेट चटकाए। इसके बावजूद Rahul ने संयम नहीं खोया और Rajkot की चुनौतीपूर्ण पिच पर टीम को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया।
बेटी के नाम खास जश्न
शतक पूरा करने के बाद Rahul का जश्न भी खास रहा। उन्होंने यह उपलब्धि अपनी बेटी को समर्पित की, जो उनके चेहरे पर दिख रहे सुकून और भावनाओं से साफ झलक रहा था। यह पारी सिर्फ रन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और परिपक्वता की कहानी थी।
क्यों कहलाते हैं ‘crisis man’
यह शतक एक बार फिर दिखाता है कि Rahul सिर्फ सुंदर बल्लेबाज़ी ही नहीं, बल्कि हालात के हिसाब से खेलने की काबिलियत रखते हैं। जब टीम को संभालने की ज़रूरत होती है, Rahul अक्सर वही खिलाड़ी बनकर सामने आते हैं, जिस पर कप्तान और टीम भरोसा कर सके।
India पहले ही सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बनाए हुए है, और इस पारी के साथ Rahul ने साफ संकेत दे दिया है कि दबाव के मुकाबलों में उनका रोल कितना अहम है।
