Connect with us

Entertainment

Kerala Story 2 पर नया विवाद: 26 वर्षीय बायोलॉजिस्ट ने हाई कोर्ट में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की याचिका दायर

याचिकाकर्ता ने फिल्म के शीर्षक और कंटेंट पर सवाल उठाए, कहा—पूरे राज्य को नकारात्मक रूप में दिखाने की “गलत कोशिश”।

Published

on

Kerala Story 2 को लेकर हाई कोर्ट में याचिका, ट्रेलर रिलीज़ के बाद बढ़ा विवाद।
Kerala Story 2 को लेकर हाई कोर्ट में याचिका, ट्रेलर रिलीज़ के बाद बढ़ा विवाद।

बहुप्रतीक्षित फिल्म The Kerala Story 2 रिलीज़ से पहले ही विवादों में घिर गई है। केरल के 26 वर्षीय बायोलॉजिस्ट श्रीदेव नंबूदरी ने फिल्म के खिलाफ Kerala High Court का दरवाज़ा खटखटाया है।

नंबूदरी का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक और कहानी दोनों ही केरल और उसके लोगों को गलत ढंग से पेश करते हैं। वह खुद को “मलयाली ब्राह्मण” बताते हुए कहते हैं कि यह फिल्म पूरे राज्य की छवि धूमिल करने की एक सुनियोजित कोशिश लगती है।


सेंसर बोर्ड पर भी उठाए सवाल

याचिकाकर्ता ने फिल्म को मिले सर्टिफिकेट को चुनौती देते हुए कहा कि Central Board of Film Certification (CBFC) ने यह जांचने में चूक की कि फिल्म की सामग्री सार्वजनिक शांति, नैतिकता और राष्ट्रीय एकता को प्रभावित कर सकती है या नहीं।

और भी पढ़ें : IPL 2026 से पहले दिल्ली कैपिटल्स का बड़ा दांव इयान बेल बने सहायक कोच

उनके अनुसार, फिल्म के ट्रेलर से यह स्पष्ट होता है कि कहानी मुख्य रूप से भारत के उत्तरी हिस्सों और तीन अलग-अलग राज्यों की महिलाओं पर आधारित है। फिर भी फिल्म का नाम The Kerala Story रखकर एक पूरे राज्य को संदिग्ध तौर पर पेश करने की कोशिश की गई है।

नंबूदरी का कहना है, “केरल और केरलवासियों को बाकी भारत से अलग दिखाना न केवल गैर-ज़रूरी है, बल्कि पूरी तरह भ्रामक भी है। देशभर में केरल के लोग काम करते हैं और अनेक प्रवासी कामगारों को रोजगार देते हैं।”


प्रमोशनल लाइन पर आपत्ति

याचिका में फिल्म की एक उकसाऊ टैगलाइन—“हम अब बर्दाश्त नहीं करेंगे, हम लड़ेंगे”—को भी आपत्तिजनक बताया गया है।
नंबूदरी का तर्क है कि फिल्म निर्माता अपनी आशंकाओं को कहानी के रूप में दिखा सकते हैं, लेकिन उन्हें पूरे राज्य पर आरोप लगाने का अधिकार नहीं है।

Kerala Story 2 को लेकर हाई कोर्ट में याचिका, ट्रेलर रिलीज़ के बाद बढ़ा विवाद।

हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस

मामले पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने CBFC और फिल्म के प्रोडक्शन हाउस Sunshine Pictures को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
मामला मंगलवार, 24 फरवरी को सुनवाई के लिए निर्धारित है।


राजनीतिक हलकों में भी बढ़ी गर्माहट

फिल्म के ट्रेलर रिलीज़ होते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं। खासकर तब जब फिल्म में कथित तौर पर दिखाया गया है कि कैसे प्रेम, विद्रोह और भावनाओं के बहाने महिलाओं को फ़ंसाया जाता है और फिर उनके जीवन पर नियंत्रण किया जाता है।

केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने पहले ही इस तरह की फिल्मों को “राज्य में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश” बताया था।

फिल्म के लेखक अमरनाथ झा और निर्देशक कामख्या नारायण सिंह ने हालांकि अभी तक इस विवाद पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *