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“मुझे बेहतर मौका मिलना चाहिए था” — करुण नायर का बीसीसीआई और अजित अगरकर पर सीधा हमला
घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर करुण नायर ने अपनी नाराज़गी जाहिर की और चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर पर सवाल उठाए।
भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शुमार करुण नायर ने एक बार फिर चयन नीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन करने के बावजूद राष्ट्रीय टीम से बाहर किए जाने पर उन्होंने अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि “इतना अच्छा खेलने के बाद भी सिर्फ़ एक सीरीज़ का मौका मिलना निराशाजनक है, मुझे उससे बेहतर ट्रीटमेंट मिलना चाहिए था।”
दो सीज़न में धुआंधार प्रदर्शन
करुण नायर ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीज़न में मिलाकर 1,533 रन बनाए। इसी दम पर उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में मौका मिला। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा — उन्होंने आठ पारियों में 205 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल था।
नायर ने विदर्भ क्रिकेट टीम को पिछले सीज़न में रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका बल्लेबाज़ी औसत ‘Don Bradman’ की तरह स्थिर बताया गया था, लेकिन चयनकर्ताओं को शायद वह निरंतरता पर्याप्त नहीं लगी।
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करुण का दर्द – “सिर्फ एक सीरीज़ का मौका क्यों?”
गोवा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान मीडिया से बातचीत में करुण ने कहा,
“पिछले दो सालों में मैंने जो किया, उसके बाद मुझे एक सीरीज़ से ज़्यादा का मौका मिलना चाहिए था। टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मुझसे बातचीत की, उन्होंने भी कहा कि मुझे और समय मिलना चाहिए था। लेकिन अब मैं सिर्फ़ रन बनाने पर ध्यान दूंगा, क्योंकि यही मेरा काम है।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य अब भी टीम इंडिया के लिए खेलना ही है,
“सपना अब भी वही है — देश के लिए खेलना। अगर वो नहीं हो पाया, तो मैं अपनी टीम के लिए जीत सुनिश्चित करने में पूरा दम लगाऊंगा।”
अजित अगरकर का बयान
जब अजित अगरकर से करुण नायर के चयन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा,
“हम चाहते थे कि उन्हें और मौके मिलें, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर उनके प्रदर्शन को देखते हुए फिलहाल हम आगे बढ़े हैं। चयन हमेशा प्रदर्शन और टीम कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है।”
अगरकर की इस टिप्पणी से यह साफ है कि चयन समिति अब नए खिलाड़ियों को आज़माने की सोच रही है।
फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों का समर्थन
सोशल मीडिया पर करुण नायर के बयान के बाद क्रिकेट प्रशंसक उनके समर्थन में उतर आए। ट्विटर पर #JusticeForKarunNair ट्रेंड करने लगा।
पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,

“करुण नायर जैसे खिलाड़ियों की अनदेखी हमारे क्रिकेट सिस्टम की सबसे बड़ी कमजोरी है। ऐसे खिलाड़ी लगातार घरेलू स्तर पर चमत्कार करते हैं।”
कई फैंस ने करुण की 2016 की ऐतिहासिक पारी को याद किया जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ट्रिपल सेंचुरी (303*) जड़ी थी — वे भारत के लिए ट्रिपल सेंचुरी बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज़ बने थे।
आगे क्या?
करुण नायर ने कहा कि वे अभी हार नहीं मानेंगे। उनका फोकस आने वाले रणजी और दलीप ट्रॉफी सीज़न पर है। अगर उनका बल्ला लगातार रन उगलता रहा, तो बीसीसीआई को दोबारा उनके नाम पर विचार करना पड़ सकता है।
भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जब खिलाड़ियों ने वापसी की है — जैसे अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा ने भी घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में वापसी की थी। करुण भी अब उसी राह पर चलने की तैयारी में हैं।
