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किराए के नेट्स से M S Dhoni के ड्रेसिंग रूम तक Kartik Sharma की संघर्ष भरी IPL कहानी
₹14.20 करोड़ की बोली के पीछे छुपी है एक छोटे शहर की फैमिली, कर्ज और कभी न हार मानने की जिद
IPL 2026 ऑक्शन में जब Chennai Super Kings ने 19 साल के Kartik Sharma पर ₹14.20 करोड़ की बोली लगाई, तो यह पल क्रिकेट फैंस को किसी अचानक चमत्कार जैसा लगा। लेकिन Kartik की यह कामयाबी एक रात की कहानी नहीं है। यह उस परिवार की दस साल लंबी लड़ाई का नतीजा है, जिसने हालात, चोटों और पैसों की कमी के बावजूद सपने को मरने नहीं दिया।
आज Kartik Sharma CSK के लिए एक युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिनमें भविष्य की झलक दिखती है। लेकिन Kartik और उनके परिवार के लिए यह कीमत सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि उस भरोसे की वापसी है जो उन्होंने मुश्किल समय में खुद पर लगाया था।

पिता का अधूरा सपना, बेटे के जरिए पूरा
Kartik की कहानी का सबसे भावुक हिस्सा उनके पिता Manoj Sharma हैं। Manoj कभी खुद क्रिकेट में आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन एक गंभीर चोट ने उनका करियर बीच में ही रोक दिया। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि अगर वह अपनी पारी पूरी नहीं कर पाए, तो अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करेंगे।
यह फैसला आसान नहीं था। परिवार की आमदनी सीमित थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालों तक घर बहुत तंग हालात में चला। बचत खर्च हुई, गहने बेचे गए, कर्ज लिया गया और जब भी जरूरत पड़ी, अतिरिक्त काम किया गया। Kartik की ट्रेनिंग को परिवार ने किसी शौक की तरह नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे की तरह देखा।
एक समय तो तैयारी के लिए जमीन तक खरीदी और बाद में बेची गई, ताकि बॉलिंग मशीन और प्रैक्टिस नेट्स लगाए जा सकें। छोटे शहर में यह किसी निजी अकादमी से कम नहीं था।
मुश्किलें जो सपनों को तोड़ देती हैं
Kartik के शुरुआती क्रिकेट सफर में ऐसी घटनाएं भी सामने आईं, जो अक्सर बाहर नहीं आ पातीं। ईर्ष्या से जुड़ी तोड़फोड़, प्रैक्टिस का सामान चोरी होना, नेट्स को नुकसान पहुंचाया जाना—यह सब हुआ। लेकिन परिवार ने शोर नहीं मचाया। उन्होंने रास्ता बदला, सुरक्षित माहौल ढूंढा और Kartik को बेहतर कोचिंग सिस्टम में डाला।

इस दौरान Lokendra Singh Chahar जैसे कोच का मार्गदर्शन Kartik के लिए अहम साबित हुआ। Kartik ने खुद भी जिम्मेदारी उठाई। बताया जाता है कि उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी क्रिकेट जरूरतों के लिए पैसे जुटाए।
चोट, दबाव और अब बड़ी जिम्मेदारी
इस कहानी को और गहरा बनाता है Kartik का चोटों से जूझना। हाल के समय में उंगली की चोट के कारण उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट तक लेना पड़ा। ऐसे में IPL जैसा बड़ा मंच सिर्फ मौका नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आता है—फिट रहने की, जल्दी सीखने की और अपनी कीमत को सही साबित करने की।
अब हालात बदल चुके हैं। Kartik Sharma के पास एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट है, जो जिंदगी बदल सकता है। सामने वही ड्रेसिंग रूम है, जहां M S Dhoni जैसे दिग्गज मौजूद हैं। उम्मीदें ऊंची हैं और निगाहें हर कदम पर रहेंगी।
लेकिन इस बड़ी रकम के नीचे एक सीधी-सी इंसानी कहानी है—एक परिवार ने मुश्किल वक्त में भी सपना नहीं छोड़ा। सालों तक संघर्ष किया, तब जाकर क्रिकेट ने उन्हें लौटाकर दिया।
