Connect with us

Entertainment

बॉक्स ऑफिस संघर्ष के बीच Karan Johar बोले ‘असफलताओं का जश्न मनाना बंद करें’

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri की सुस्त कमाई पर सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया से आहत दिखे करण, बोले– सफलता मनाइए, नकारात्मकता नहीं

Published

on

बॉक्स ऑफिस संघर्ष के बीच Karan Johar बोले ‘असफलताओं का जश्न मनाना बंद करें’
सोशल मीडिया पर ‘गरिमा’ और ‘दयालुता’ की अपील करते Karan Johar, बॉक्स ऑफिस संघर्ष के बीच भावुक संदेश

फिल्ममेकर Karan Johar ने अपनी हालिया रिलीज़ Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri (TMMTMTTM) के बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बीच सोशल मीडिया पर एक लंबा और भावुक नोट साझा किया है। इस नोट में उन्होंने लोगों से ‘असफलताओं का जश्न मनाना बंद करने’ और दूसरों की सफलता को खुले दिल से स्वीकार करने की अपील की।

करण ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट की शुरुआत “Happy 2026!!” के साथ की और सवाल उठाया कि क्या समाज में गरिमा (Grace) अब एक “एलियन” चीज़ बनती जा रही है। उन्होंने लिखा कि क्या हम दूसरों की सफलता को मनाने की क्षमता खो चुके हैं और क्या हम आलोचना को पूर्वाग्रह, गुस्से और नफरत के बिना नहीं कर सकते?

सोशल मीडिया पर तीखा संदेश

करण ने सोशल मीडिया को ‘failings, shortcomings या inner darkness’ का डंपिंग ग्राउंड बनने से रोकने की बात कही। उनका कहना था कि ‘ज्ञान देने वाले, ज्ञान पर अमल भी करें’, और कोई भी मोरल पुलिस बनने की कोशिश न करे।
उन्होंने आगे लिखा,

बॉक्स ऑफिस संघर्ष के बीच Karan Johar बोले ‘असफलताओं का जश्न मनाना बंद करें’

“अपने भीतर झांकिए, वहां आपको अपनी ही नैतिकता से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा।”

पोस्ट के अंत में करण ने आत्मस्वीकृति पर जोर देते हुए कहा,

“क्या आप अपनी खामियों, उलझनों और रफ एजेज़ के साथ खुद को स्वीकार कर सकते हैं? चलिए, गरिमा को दफनाने के बजाय उसे फिर से जिंदा करें… Happy 2026।”

फिल्म की कमाई और प्रतिक्रिया

करण का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी फिल्म Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri—जिसे Sameer Sanjay Vidwans ने निर्देशित किया है और जिसमें Kartik AaryanAnanya Panday मुख्य भूमिकाओं में हैं—25 दिसंबर को रिलीज़ होने के बाद बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने पांच दिनों में 37 करोड़ INR का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया है। कहानी एक ऐसे प्रेमी जोड़े की है जो परिवार के दबावों के बीच अपने रिश्ते को संभालने की कोशिश करता है।

बहस का नया अध्याय

करण का संदेश महज़ एक फिल्म की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि इंडस्ट्री और सोशल मीडिया संस्कृति पर एक बड़ा सवाल है—क्या हम असफलताओं पर ताली बजाने की आदत डाल चुके हैं? और क्या आलोचना, सहानुभूति के साथ भी हो सकती है?

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *