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केन विलियमसन ने कहा अलविदा – न्यूजीलैंड के सबसे भरोसेमंद कप्तान ने छोड़ी T20I क्रिकेट
93 टी20 मैचों में देश का नेतृत्व करने वाले विलियमसन ने तत्काल प्रभाव से लिया संन्यास, बोले – “अब नए खिलाड़ियों के लिए वक्त है आगे बढ़ने का।”
न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने रविवार को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। 35 वर्षीय विलियमसन ने यह फैसला वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की सीरीज़ से ठीक पहले लिया।
विलियमसन ने अपने शानदार करियर में 93 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने 2,575 रन बनाए — हालांकि कोई शतक नहीं, लेकिन 18 अर्धशतक के साथ उन्होंने अपनी स्थिरता और क्लासिक खेल शैली से टीम को कई बार जीत दिलाई।
क्रिकेट के ‘जेंटलमैन’ का शांत विदाई संदेश
विलियमसन ने अपने बयान में कहा –
“यह मेरे लिए बेहद खास सफर रहा है। टी20I खेलना हमेशा गर्व की बात रही, लेकिन अब वक्त है टीम और खुद को आगे बढ़ाने का। आने वाले विश्व कप के लिए टीम को स्पष्टता की जरूरत है, और मुझे यकीन है कि नए खिलाड़ी इस मौके को भुनाएंगे।”
उन्होंने मौजूदा कप्तान मिचेल सैंटनर की तारीफ करते हुए कहा –

“मिच एक शानदार कप्तान और लीडर है। उसने टीम को एकजुट किया है और अब उसके नेतृत्व में ब्लैककैप्स इस फॉर्मेट में नई ऊँचाइयाँ छूएंगे।”
2011 से 2025 तक – एक अद्भुत यात्रा
विलियमसन ने 2011 में टी20 डेब्यू किया था और तब से अब तक उन्होंने 19,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं।
उन्होंने न्यूजीलैंड को दो टी20 विश्व कप सेमीफाइनल (2016, 2022) और एक फाइनल (2021) तक पहुंचाया, जहाँ उन्होंने कप्तान के रूप में अनुशासन, धैर्य और रणनीति की नई परिभाषा गढ़ी।
उनकी कप्तानी में ब्लैककैप्स ने एक संतुलित टीम के रूप में पहचान बनाई, जो “बिना आक्रोश के आक्रामक” खेल की मिसाल बनी।
आईपीएल में नई भूमिका
संन्यास के कुछ ही दिनों पहले उन्हें IPL फ्रेंचाइज़ी लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2026 सीजन के लिए स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र नियुक्त किया है। यह उनके अनुभव और विश्लेषणात्मक सोच की गवाही है। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि विलियमसन की शांत स्वभाव और रणनीतिक दृष्टि टीम के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
आगे की राह – टेस्ट और वनडे पर फोकस
विलियमसन ने साफ किया कि वे अब टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा –
“मुझे ब्लैककैप्स टीम के लिए गहरा लगाव है। यह सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक यात्रा है। मैं अब टेस्ट क्रिकेट में पूरी ऊर्जा लगाना चाहता हूँ और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी जारी रखूंगा।”
कोच का सम्मानजनक बयान
न्यूजीलैंड कोच रॉब वॉल्टर ने विलियमसन की तारीफ करते हुए कहा –
“उनका योगदान सिर्फ रन तक सीमित नहीं है। उन्होंने नेतृत्व, संतुलन और अनुशासन के जरिए इस टीम की नींव मजबूत की। 93 मैचों में से 75 में कप्तानी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।”
‘साइलेंट असैसिन’ की विरासत
केन विलियमसन को अक्सर “साइलेंट असैसिन” कहा जाता है — जो बिना शोर मचाए विपक्ष को पछाड़ देते हैं।
उनकी तकनीक, खेलभावना और मैदान पर शांत उपस्थिति ने उन्हें स्टीव स्मिथ, विराट कोहली और जो रूट जैसे दिग्गजों की श्रेणी में शामिल किया।

उनकी रिटायरमेंट ने फैंस को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘क्रिकेट का जेंटलमैन’ कहकर विदाई दी जा रही है।
निष्कर्ष
विलियमसन का टी20 करियर भले ही अब खत्म हो गया हो, लेकिन उनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक रहेगा। उन्होंने साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ तेज़ रन या बड़ी हिट्स का खेल नहीं, बल्कि धैर्य, संयम और सोच का मैदान भी है।
अब जब वे टेस्ट और वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो पूरी दुनिया एक बार फिर देखेगी — क्लास कभी पुराना नहीं होता।
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