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Josh Hazlewood पूरी तरह फिट ऑस्ट्रेलियाई पेसर की वर्ल्ड कप से पहले बिग बैश में धमाकेदार वापसी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत से पहले मैच प्रैक्टिस के लिए सिडनी सिक्सर्स से जुड़ेंगे हेज़लवुड, लंबी चोट के बाद लौटे मैदान में
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड एक बार फिर क्रिकेट के मैदान में लौटने को तैयार हैं। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपनी फिटनेस पूरी तरह हासिल कर ली है और अब भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले प्रतिस्पर्धी लय पकड़ने के लिए बिग बैश लीग में खेलते नजर आएंगे। हेज़लवुड को सिडनी सिक्सर्स ने सीज़न 2025-26 के बाकी मुकाबलों के लिए सप्लीमेंट्री कॉन्ट्रैक्ट प्लेयर के रूप में जोड़ा है।
पिछले कुछ महीनों में हेज़लवुड चोट से जूझते रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका न होना ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के लिए बड़ी कमी माना गया, लेकिन इस दौरान उन्होंने रिहैब और ट्रेनिंग पर जमकर मेहनत की। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि लंबे ब्रेक के बाद सीधे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उतरना आसान नहीं होता, इसलिए घरेलू टूर्नामेंट में वापसी सबसे बेहतर रास्ता है।
सिडनी सिक्सर्स ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि “हम ऑस्ट्रेलियाई फास्ट बॉलर जोश हेज़लवुड का बतौर सप्लीमेंट्री कॉन्ट्रैक्टेड प्लेयर स्वागत कर बेहद उत्साहित हैं।” इस ऐलान के बाद क्रिकेट फैंस में भी गजब की खुशी दिखी। केएफसी बीबीएल 15 के मौजूदा संस्करण में सिक्सर्स प्लेऑफ की रेस में मजबूत स्थिति में है और हेज़लवुड की एंट्री से टीम की दावेदारी और पुख्ता हो सकती है।
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हेज़लवुड की खासियत केवल रफ्तार नहीं बल्कि अनुशासन है। वह नई गेंद से स्विंग कराने में माहिर हैं और डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर डालने के लिए जाने जाते हैं। कप्तान मोइज़ेस हेनरिक्स और कोचिंग स्टाफ चाहते हैं कि वह मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस के साथ मिलकर वही त्रिकोणीय धार फिर से तैयार करें जिसने ऑस्ट्रेलिया को कई आईसीसी टूर्नामेंट जिताए हैं।

भारत में होने वाला टी20 विश्व कप हेज़लवुड के लिए भावनात्मक भी है। उन्होंने कई बार कहा है कि भारतीय पिचों पर गेंदबाजी करना चुनौती देता है और उन्हें यह चुनौती पसंद है। बिग बैश में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेलकर वह न केवल मैच फिटनेस बल्कि आत्मविश्वास भी जुटाएंगे। युवा गेंदबाज शॉन एबॉट और बेन द्वारशुइस को भी उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि बिग बैश लीग की तेज रफ्तार शैली हेज़लवुड को वर्ल्ड कप मोड में लाने में मदद करेगी। यहां हर मैच में 170–180 का स्कोर बनता है, बल्लेबाज आक्रामक रहते हैं और गेंदबाजों को लगातार प्लान बदलने पड़ते हैं। यही वह प्रैक्टिस है जिसकी जरूरत किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले होती है।
दैनिक डायरी के पाठकों के लिए सीधा मतलब इतना है कि ऑस्ट्रेलिया का सबसे भरोसेमंद पेसर सही समय पर लौट रहा है। यदि बिग बैश में उनका मानवीय जज़्बा और पुराना तेवर दिखा, तो भारत में होने वाले विश्व कप में वह फिर से सुर्खियां बटोर सकते हैं।
