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30वीं पारी में टूटा इंतज़ार—जो रूट ने जमाया शतक, ऑस्ट्रेलिया भी मानने को मजबूर “ये है महान”
ब्रिस्बेन टेस्ट में इंग्लैंड की शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद रूट ने संभाली पारी, करियर का 40वां टेस्ट शतक जड़कर आलोचकों को दिया जवाब
ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में खेले जा रहे दूसरे एशेज टेस्ट के पहले दिन जो रूट ने वह कर दिखाया, जिसका इंतज़ार पिछले कई वर्षों से किया जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर उनका पहला टेस्ट शतक आखिरकार उनकी 30वीं पारी में आ ही गया।
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 5 रन थे और दो विकेट गिर चुके थे। ऐसे मुश्किल हालात में रूट ने वह “पुराना भरोसेमंद एंकर रोल” निभाया जिसकी उनसे हमेशा उम्मीद रहती है। शुरुआत में उन्हें सिर्फ 2 रन पर जीवनदान मिला, लेकिन उसके बाद उन्होंने एक-एक गेंद पर खुद को फिर से संभाला।
दिन के अंत में जब इंग्लैंड का स्कोर 256/7 पर पहुंचा, उसी दौरान रूट ने फाइन लेग पर एक खूबसूरत फ्लिक खेलते हुए अपना 40वां टेस्ट शतक पूरा किया। हेलमेट उतारकर उन्होंने भीड़ का अभिवादन किया—एक शांत, नियंत्रित और बेहद क्लासिक रूट-स्टाइल सेलिब्रेशन।
“अब ऑस्ट्रेलिया को भी मानना पड़ेगा—वह महान है”
रूट के पूर्व साथी और इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज़ सर अलास्टेयर कुक ने TNT Sports पर कहा—
“ऑस्ट्रेलिया को भी अब मानना पड़ेगा कि रूट महान बल्लेबाज़ हैं। यह पारी इंग्लैंड को बचाने वाली पारी है।”
कुक ने आगे कहा—
“दबाव में रूट हमेशा शानदार रहे हैं। वह इंग्लैंड के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ हैं, और वह लगातार बेहतर होते जा रहे हैं।”
रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचे रूट
इस शतक के साथ रूट रन-मशीन रिकी पोंटिंग (41 टेस्ट शतक) से सिर्फ एक शतक दूर रह गए हैं।
यह उपलब्धि उन्हें टेस्ट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों की सूची में और भी मज़बूती से खड़ा करती है।

ऑस्ट्रेलिया में शतक को लेकर उठते थे सवाल—अब सब शांत
ऑस्ट्रेलिया की उछाल वाली पिचें और तेज़ गेंदबाज़ हमेशा रूट की परीक्षा लेते रहे हैं। अक्सर आलोचक सवाल उठाते थे—
“महान कैसे जब ऑस्ट्रेलिया में शतक ही नहीं?”
लेकिन अब यह सवाल इतिहास का हिस्सा बन चुका है।
BBC TMS के कमेंटेटर जोनाथन एग्न्यू ने कहा—
“उन्होंने इसके लिए बहुत संघर्ष किया है। आज आलोचक चुप हो जाएंगे।”
इंग्लैंड की उम्मीदें रूट के इर्द-गिर्द
इंग्लैंड के लिए यह शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मैच में वापसी की उम्मीद भी है।
रूट के क्रीज़ पर टिकने से युवा खिलाड़ियों को भी भरोसा मिला, लेकिन टीम का मिडिल ऑर्डर लगातार टूटता रहा।
अगर इंग्लैंड को इस डे-नाइट टेस्ट में मजबूत पकड़ बनानी है, तो दूसरे दिन की शुरुआत में रूट का क्रिज़ पर डटे रहना बेहद जरूरी होगा।
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