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मार्को जैनसन ने उड़ाए भारत के होश! साउथ अफ्रीका सीरीज स्वीप के सपने के करीब
जैनसन की तूफानी गेंदबाज़ी से भारत 201 पर ढेर, यशस्वी-जWashington के अलावा कोई नहीं चला
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में तीसरे दिन का खेल भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। मार्को जैनसन की आग उगलती गेंदबाज़ी के सामने भारतीय बल्लेबाज़ एक-एक करके ढहते गए और टीम पहली पारी में सिर्फ 201 रन पर सिमट गई।
साउथ अफ्रीका ने पहले innings में 489 रन बनाकर पहले ही बढ़त हासिल कर ली थी, और अब 314 रनों की कुल बढ़त के साथ वे सीरीज जीत के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
भारत की बल्लेबाज़ी का पतन
भारत ने 65/0 से शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई। टीम 95/1 से 122/7 तक पहुंच गई, जिससे मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।
इस संघर्षपूर्ण स्थिति में सिर्फ दो भारतीय बल्लेबाज़ कुछ दम दिखा सके—
यशस्वी जायसवाल – 58 रन
वॉशिंगटन सुंदर – 48 रन
बाकी बल्लेबाज़ जैनसन की शॉर्ट-बॉल रणनीति के सामने बेबस दिखे।
जैनसन का कहर
जैनसन ने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार बाउंसरों की बरसात की और:
एक ही innings में 6 विकेट (6/48)
कई बल्लेबाजों को डराने वाले बाउंसर
शानदार कैच से जायसवाल को आउट
उन्होंने उन चार बल्लेबाजों को बाउंसर से आउट किया जिन्हें खेलने में महारत मानी जाती है—

ध्रुव जुरेल- रविंद्र जडेजा
- नितीश रेड्डी
- जसप्रीत बुमराह
क्रिकेट रिकॉर्ड्स के अनुसार, भारत में किसी innings में बाउंसर से इतने विकेट पहले कभी नहीं गिरे थे।
युवाओं पर दबाव?
भारत का नंबर 3 और 4 स्लॉट लगातार चर्चा में है।
सैयद सुदर्शन, KL राहुल, वॉशिंगटन सुंदर—कई खिलाड़ियों को इस स्थान पर आज़माया जा रहा है।
पिछले 60 साल में यह पहली बार है कि भारत के नंबर 3 और 4 बल्लेबाज़ों के करियर में कुल मिलाकर इतना कम अनुभव और शतक हैं। इस अस्थिरता ने टीम पर दबाव बढ़ाया है।
वॉशिंगटन-कुलदीप की साझेदारी
जैनसन के तूफान के बीच वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव ने लगभग 35 ओवर तक साझेदारी निभाते हुए टीम को कुछ राहत दी। लेकिन सुंदर को हरमर ने बेहतरीन गेंद पर आउट कर दिया।
साउथ अफ्रीका को स्वीप का मौका
दिन के अंत तक साउथ अफ्रीका ने बिना विकेट खोए 26 रन बना लिए।
अब उनके पास—
बड़ा स्कोर सेट करने
भारत को फिर कम रन पर रोकने
और इतिहास रचते हुए भारत में सीरीज जीतने
का सुनहरा मौका है।
यदि भारत यह टेस्ट हारता है तो 12 साल बाद उसे घरेलू मैदान पर दूसरी टेस्ट सीरीज हार का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय गेंदबाज़ों पर अब भारी दबाव है और चौथे दिन का खेल निर्णायक साबित होगा।
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