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ईरान का हमला: नखचिवान हवाई अड्डे पर गिरे ड्रोन और मिसाइल, दहशत में आई आम जनता

अज़रबैजान के नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान की तरफ से आए ड्रोन और मिसाइलों ने हमला किया — वीडियो फुटेज में धमाकों का खौफनाक मंजर कैद।

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नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के बाद धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान की दिशा से आए ड्रोन और मिसाइलों ने हवाई अड्डे के परिसर को निशाना बनाया।
नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के बाद धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान की दिशा से आए ड्रोन और मिसाइलों ने हवाई अड्डे के परिसर को निशाना बनाया। (प्रतीकात्मक/रॉयटर्स)

नखचिवान/तेहरान। मध्य-पूर्व में तनाव का नया अध्याय तब खुला जब गुरुवार को अज़रबैजान के नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइलें आ गिरीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ये हमलावर उड़ाने ईरान की दिशा से आती देखी गईं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अज़रबैजानी सरकारी सूत्रों के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है।

हवाई अड्डे पर मचा हड़कंप

जब ये ड्रोन एयरपोर्ट परिसर में आ गिरे, तो वहां मौजूद यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि धमाकों की आवाज़ें सुनते ही लोग इधर-उधर भागने लगे। रनवे के पास धुएं के गुबार उठते दिखे और एयरपोर्ट की इमारतों के पास भी हमले के निशान नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आवाज़ें किसी त्योहार की आतिशबाजी जैसी नहीं थीं — यह असली और डरावनी थीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हम समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है। बस दौड़ते रहे।”

और भी पढ़ें : ईरान की आक्रामक कार्रवाई पर सऊदी अरब भड़का, खाड़ी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

भू-राजनीतिक पेचीदगी

नखचिवान, अज़रबैजान का एक स्वायत्त इलाका है जो भौगोलिक रूप से अज़रबैजान के मुख्य भूभाग से कटा हुआ है और ईरान, तुर्की तथा आर्मेनिया से घिरा हुआ है। यह इलाका पहले से ही क्षेत्रीय तनाव का केंद्र रहा है। ऐसे संवेदनशील इलाके में एयरपोर्ट पर हमला महज एक सैन्य घटना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारों का मानना है कि यह हमला ईरान और अज़रबैजान के बीच बढ़ते तनाव की कड़ी हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध काफी खराब हुए हैं। इज़राइल के साथ अज़रबैजान की नज़दीकी और ईरानी सीमा पर अज़रबैजानी सैन्य गतिविधियों को लेकर तेहरान पहले भी चिंता जता चुका है।

नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के बाद धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान की दिशा से आए ड्रोन और मिसाइलों ने हवाई अड्डे के परिसर को निशाना बनाया।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का इंतज़ार

अभी तक ईरान की तरफ से इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अज़रबैजान सरकार ने घटना की जांच शुरू कर दी है और उच्च-स्तरीय बैठकें बुलाई गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर NATO और रूस, इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हमला ईरान द्वारा किया गया साबित हुआ, तो यह एक संप्रभु देश के नागरिक हवाई अड्डे पर सीधा हमला माना जाएगा — जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।

आम लोगों पर क्या असर?

नखचिवान एयरपोर्ट क्षेत्र के लोगों के लिए एकमात्र बड़ा हवाई संपर्क है। हमले के बाद फ्लाइट्स रोक दी गई हैं और एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे हज़ारों यात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय बाजारों में भय का माहौल है और लोग ज़रूरी सामान की जमाखोरी करने लगे हैं — ठीक वैसे ही जैसे 2020 के नागोर्नो-काराबाख युद्ध के दौरान हुआ था।

Dainik Diary की नज़र से

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि दुनिया में कहीं भी नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर — चाहे वो अस्पताल हो, स्कूल हो या हवाई अड्डा — अब सुरक्षित नहीं रहा। जब राजनेता शतरंज खेलते हैं, तो मोहरे हमेशा आम लोग बनते हैं।

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