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भारत ने रचा इतिहास! T20 वर्ल्ड कप लगातार तीसरी बार जीता, न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से रौंदा
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 86,000 दर्शकों के सामने टीम इंडिया ने खेला अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट — संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तूफानी बल्लेबाजी ने कीवी टीम को किया धराशायी
अहमदाबाद। 8 मार्च 2026 की रात अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो हुआ, वो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम ने ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी तीसरी बार उठाई और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से हराकर भारत ने खिताब का बचाव किया — यानी बैक-टू-बैक चैंपियन।
उस मैदान पर, जहाँ 2023 में वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत का दिल टूटा था, आज उसी ज़मीन पर सूर्यकुमार यादव ने घुटने टेककर मिट्टी को माथे से लगाया। यह सिर्फ जीत नहीं थी — यह एक बदला था, एक हिसाब था।
टॉस हारा, पर इरादा नहीं
न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। उनका मानना था कि पिच पर थोड़ी घास है जो शुरुआती ओवरों में सीमर्स की मदद करेगी और भारत की बल्लेबाज़ी को रोका जा सकेगा। लेकिन इस फैसले का उन्हें जल्द ही पछतावा होने वाला था।
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अभिषेक-सैमसन ने मचाई तबाही
संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन और अभिषेक शर्मा ने महज 21 गेंदों पर 52 रन ठोककर पहले विकेट के लिए 98 रनों की साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने टूर्नामेंट का सबसे तेज़ अर्धशतक सिर्फ 18 गेंदों में जड़ा — यह किसी भी T20 वर्ल्ड कप नॉकआउट में सबसे तेज़ फिफ्टी भी है।
पावरप्ले के महज 6 ओवरों में भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 92 रन था — कीवी गेंदबाज़ों की पूरी रणनीति धरी की धरी रह गई।
ईशान किशन ने थामी बागडोर
अभिषेक के जाने के बाद ईशान किशन मैदान में उतरे और उन्होंने भी कोई रहम नहीं दिखाया। सैमसन के साथ मिलकर ईशान ने 25 गेंदों पर 54 रनों की पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की।भारतीय पारी रफ्तार पकड़ती जा रही थी।

फिर जेम्स नीशम ने एक ओवर में सैमसन, ईशान और सूर्यकुमार — तीनों को पवेलियन भेज दिया। लेकिन यह मैच पलटने के लिए नाकाफी साबित हुआ।
शिवम दुबे का फिनिश — 255 का पहाड़
शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में एक के बाद एक चौके-छक्के लगाकर भारत को 255/5 के विशाल स्कोर तक पहुँचाया यह T20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके साथ ही भारत इस टूर्नामेंट में 100 छक्के लगाने वाली पहली टीम भी बनी — कुल 106 छक्के।
न्यूज़ीलैंड का पतन — 159 पर सिमटी पारी
256 का पीछा करना वैसे भी नामुमकिन था, लेकिन न्यूज़ीलैंड ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की वो और भी निराशाजनक रही। टिम सेफर्ट की लड़ाकू फिफ्टी को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सका। जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने अपने जादू से कीवी पारी की कमर तोड़ी। बुमराह ने तो अपने स्लो-बॉल यॉर्कर से नीशम और मैट हेनरी को एक ही ओवर में बोल्ड कर दिया।
भारत की 96 रनों की यह जीत T20 वर्ल्ड कप में उनकी रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत भी है।
सूर्या ने छुई अहमदाबाद की मिट्टी
जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद की उस पिच की मिट्टी को छुआ — वही मैदान जहाँ 2023 में भारत को वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में हार का दंश झेलना पड़ा था।86,000 दर्शकों ने “वंदे मातरम” के नारों से स्टेडियम को गुंजायमान कर दिया।
न्यूज़ीलैंड के लिए यह पाँचवीं बार है जब वो ICC व्हाइट-बॉल फाइनल में खाली हाथ लौटे। इन्हें “फाइनल में हारने की आदत” वाली टीम का तमगा मिलता जा रहा है — लेकिन इस बार भारत ने उन्हें इतनी बुरी तरह हराया कि कोई बहाना भी नहीं बचा।
भारत अब T20 वर्ल्ड कप में सबसे सफल टीम है — तीन खिताब, एक के बाद एक दो बार चैंपियन और घर की ज़मीन पर पहली बार वर्ल्ड कप जीतने का गौरव। क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट में अब भारत का कोई जवाब नहीं।
