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भारत ने तोड़ा एक और रिकॉर्ड – दिल्ली टेस्ट जीतकर बना तीसरी सबसे सफल घरेलू टीम, वेस्टइंडीज के खिलाफ 10वीं सीरीज जीत
दिल्ली में वेस्टइंडीज पर जीत के साथ भारत ने घर में लगातार 14वां टेस्ट बिना हारे खेला, जबकि ध्रुव जुरेल ने अपने करियर में रिकॉर्ड सातवीं जीत दर्ज की।
भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसे घर पर हराना लगभग नामुमकिन है।
दिल्ली टेस्ट के पांचवें दिन सिर्फ 58 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीत ली।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल सीरीज अपने नाम की, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी तोड़ डाले।
वेस्टइंडीज पर भारत की लगातार 10वीं सीरीज जीत
2002 से अब तक भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 10 टेस्ट सीरीज जीती हैं।
यह रिकॉर्ड अब दक्षिण अफ्रीका के बराबर हो गया है, जिसने 1998 से 2015 तक वेस्टइंडीज को लगातार 10 बार हराया था।
इस जीत के साथ भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 मैचों की अजेय लकीर भी कायम रखी — यानी पिछले 23 सालों से वेस्टइंडीज भारत को टेस्ट में नहीं हरा पाया।
दिल्ली बना भारत का किला – 14 टेस्ट से अजेय
1987 में आखिरी बार दिल्ली में भारत को टेस्ट हार का सामना करना पड़ा था, और तब भी विरोधी टीम वेस्टइंडीज ही थी।
उसके बाद से भारत ने दिल्ली में 14 टेस्ट खेले – 12 जीते और 2 ड्रॉ रहे।
इस जीत के साथ दिल्ली ने मोहाली (13 टेस्ट) और मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम (13 टेस्ट) को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे घरेलू अजेय मैदान का रिकॉर्ड बना लिया।
ध्रुव जुरेल का कमाल – लगातार 7 टेस्ट जीतने वाले पहले भारतीय
युवा विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के लिए यह जीत बेहद खास रही।
उन्होंने अपने छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में अब तक 7 टेस्ट मैच खेले हैं और सभी में भारत जीता है।
इससे पहले भुवनेश्वर कुमार ने शुरुआती 6 मैचों में जीत दर्ज की थी।
राजकोट टेस्ट से डेब्यू करने वाले जुरेल अब भारतीय टेस्ट इतिहास में एक लकी चार्म की तरह उभर रहे हैं।
सीरीज में सिर्फ 13 विकेट गंवाए – 25 साल पुराना रिकॉर्ड बराबर
दो मैचों की सीरीज में भारत ने कुल 13 विकेट ही गंवाए — यह किसी भी दो या उससे अधिक मैचों की सीरीज में भारत का संयुक्त रूप से सबसे कम विकेट खोने का रिकॉर्ड है।
इससे पहले ऐसा 2000 में हुआ था जब भारत ने जिम्बाब्वे को 1-0 से हराया था।

घर में भारत की 122वीं टेस्ट जीत – बना नंबर 3
दिल्ली की जीत के साथ भारत ने अपने घरेलू मैदान पर कुल 122 टेस्ट मैच जीत लिए, जिससे वह दुनिया की तीसरी सबसे सफल टेस्ट टीम बन गई।
अब भारत से आगे सिर्फ
ऑस्ट्रेलिया (262 जीत) और
इंग्लैंड (241 जीत) हैं।
भारत ने दक्षिण अफ्रीका (121) को पीछे छोड़ दिया है।
वेस्टइंडीज के लिए साल की पहली शतक और संघर्ष
हालांकि वेस्टइंडीज के लिए कुछ सकारात्मक पहलू भी रहे।
ओपनर जॉन कैंपबेल (John Campbell) ने अपने 50वें टेस्ट इनिंग में जाकर आखिरकार अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा।
वह इस साल शतक लगाने वाले पहले वेस्टइंडीज बल्लेबाज बने।
उनसे पहले यह कारनामा 2024 में जस्टिन ग्रीव्स (Justin Greaves) ने किया था।
कैंपबेल से पहले केवल दो विंडीज़ खिलाड़ियों — रिडली जैकब्स (56 इनिंग) और डेनेश रामदिन (52 इनिंग) — को अपने पहले टेस्ट शतक के लिए इतनी लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी थी।
इसके अलावा शाई होप (Shai Hope) ने भी लगभग 2968 दिनों के बाद यानी करीब 8 साल बाद अपना तीसरा टेस्ट शतक जड़ा।
उनका पिछला शतक 2017 में लीड्स (Leeds) में लगा था।
इस बीच वे टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन इस शतक के साथ उन्होंने वापसी का ऐलान कर दिया।
वेस्टइंडीज का पहला 300+ स्कोर 2025 में
दिल्ली टेस्ट में विंडीज़ ने पहली पारी में 390 रन बनाए — यह उनका 2025 में पहला 300+ स्कोर था।
पिछली बार उन्होंने 300 रन का आंकड़ा 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ पार किया था।
यानी 8 टेस्ट मैचों के बाद उन्हें फिर से यह उपलब्धि हासिल हुई।
आंकड़ों में भारत की जीत
- भारत बनाम वेस्टइंडीज: 2-0 (सीरीज जीत)
- मैदान: अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
- भारत की घरेलू जीतें: 122
- दिल्ली में अजेय रिकॉर्ड: 14 टेस्ट
- ध्रुव जुरेल का अजेय रिकॉर्ड: 7 मैच – 7 जीत
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