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India vs Korea एशिया कप फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत 8 साल बाद चौथी बार बना चैंपियन
राजगीर हॉकी स्टेडियम में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर एशिया कप 2025 जीता और विश्व कप का टिकट भी हासिल किया।
भारतीय हॉकी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। India vs Korea Asia Cup Final 2025 में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ आठ साल बाद एशिया कप का खिताब जीता बल्कि चौथी बार एशिया कप चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया।
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राजगीर के हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्टेडियम खचाखच भरा था और हर गोल पर गूंजते नारों ने माहौल को यादगार बना दिया।
भारत की जीत के नायक
भारतीय टीम की शुरुआत ही तूफानी रही। मैच के पहले ही मिनट में जालंधर के सुखजीत सिंह ने गोल कर भारत का खाता खोला। सुखजीत कभी पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ चुके हैं और उनकी इस वापसी ने सभी को प्रेरित किया।
इसके बाद अमृतसर के 25 वर्षीय दिलप्रीत सिंह ने 29वें और 44वें मिनट में दो शानदार गोल कर भारत की जीत को और पुख्ता कर दिया। चौथा गोल अमित रोहिदास ने दागा। कोरिया की ओर से सोन डाइन ने 50वें मिनट में एकमात्र गोल किया, लेकिन भारतीय टीम का जोश उससे कम नहीं हुआ।
कोच का अटैकिंग फार्मूला
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का अटैकिंग फॉर्मूला इस मैच में पूरी तरह सफल रहा। पहले हाफ में भारत ने कोरिया की डी में 10 बार सर्किल तोड़ा जबकि कोरिया सिर्फ दो बार ऐसा कर सका। यही आंकड़े बताते हैं कि भारत मैच में कितनी मजबूती से हावी रहा।
सुपर-4 से फाइनल तक
सुपर-4 चरण में भारत और कोरिया का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा था। लेकिन फाइनल में भारतीय टीम ने वही गलती दोहराई नहीं और पूरी तैयारी के साथ उतरी। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं गंवाया जबकि कोरिया को ग्रुप चरण में मलेशिया से हार झेलनी पड़ी थी।
चौथी बार एशिया कप चैंपियन
इस जीत के साथ भारत ने 2003, 2007 और 2017 के बाद चौथी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इससे भी बड़ी बात यह रही कि भारत ने विश्व कप का टिकट भी हासिल कर लिया है।
फैंस का उत्साह
राजगीर का स्टेडियम भारतीय तिरंगे और नारों से गूंज उठा। दर्शकों ने जीत के जश्न में ढोल-नगाड़े बजाए। हॉकी प्रेमियों के लिए यह दिन लंबे समय तक यादगार रहेगा।
निष्कर्ष
India vs Korea फाइनल मुकाबले ने दिखा दिया कि भारतीय हॉकी टीम न केवल एशिया बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है। सुखजीत और दिलप्रीत जैसे खिलाड़ियों का जज्बा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा।

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