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IND vs NZ पहला वनडे में दिल थाम देने वाला मोड़, 93 पर आउट हुए Virat Kohli, भारत को लगे बड़े झटके
301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की उम्मीदों को लगा झटका, शुभमन गिल के बाद विराट कोहली भी शतक से चूके
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर नजर आया। 301 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक रही, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, दबाव भी बढ़ता गया। इसी दबाव के बीच भारतीय पारी को दो बड़े झटके लगे, जिसने मैच की दिशा को पूरी तरह से दिलचस्प बना दिया।
भारतीय टीम की ओर से पारी की जिम्मेदारी संभाल रहे शुभमन गिल ने एक बार फिर अपने क्लास और आत्मविश्वास का शानदार नमूना पेश किया। गिल ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया और ऐसा लग रहा था कि वह इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने की नींव रख देंगे। लेकिन एक गलत शॉट चयन के चलते वह अपना विकेट गंवा बैठे। गिल का आउट होना भारतीय ड्रेसिंग रूम के लिए पहला बड़ा संकेत था कि यह लक्ष्य आसान नहीं होने वाला।
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इसके बाद क्रीज पर डटे रहे विराट कोहली, जिनसे हमेशा की तरह एक बड़ी पारी की उम्मीद थी। कोहली ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पारी को संभाला, खराब गेंदों को सजा दी और सिंगल-दो रन लेकर स्कोरबोर्ड को चलाते रहे। दर्शकों को हर ओवर के साथ यह भरोसा होता गया कि आज एक और कोहली शतक देखने को मिलेगा।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 93 रन के निजी स्कोर पर विराट कोहली एक गेंद को सही से टाइम नहीं कर पाए और कैच आउट हो गए। जैसे ही कोहली का विकेट गिरा, पूरे स्टेडियम में सन्नाटा छा गया। शतक से महज सात रन दूर कोहली का आउट होना न सिर्फ उनके लिए बल्कि करोड़ों भारतीय फैंस के लिए भी निराशाजनक पल था।

कोहली के आउट होने के साथ ही भारत को तीसरा बड़ा झटका लगा और रन चेज अचानक मुश्किल होता नजर आने लगा। एक समय जिस लक्ष्य को हासिल किया जा सकने वाला माना जा रहा था, वही अब कड़ा संघर्ष बन गया। न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार दबाव बनाए रखा।
इससे पहले, न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 300 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया था। उनके बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ संतुलित प्रदर्शन किया और हर फेज में रन बटोरे। शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलने के बाद, मिडिल ओवर्स में आक्रामक अंदाज अपनाया गया, जिसने भारत पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।
भारतीय गेंदबाजों ने हालांकि बीच-बीच में विकेट निकालकर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन डेथ ओवर्स में लुटे रन भारी पड़ गए। यही वजह रही कि भारत को जीत के लिए 301 रनों का लक्ष्य मिला, जो वनडे क्रिकेट में हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
अब मुकाबला पूरी तरह से ओपन नजर आ रहा है। भारतीय टीम के लिए आगे की बल्लेबाजी लाइनअप पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है, जबकि न्यूज़ीलैंड की टीम जीत की खुशबू महसूस करने लगी है। मैच का हर ओवर अब फैंस की धड़कनें बढ़ा रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस मुश्किल स्थिति से कैसे बाहर निकलता है।
